सुपौल में नौवीं की छात्रा की संदिग्ध मौत, गले पर है गहरे जख्म के निशान, जांच में जुटी पुलिस

सुपौल के त्रिवेणीगंज में 14 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई। परिजनों के बदलते बयान के बाद मामला उलझ गया है। पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच में जुटी है।

News Desk Supaul:

सुपौल जिले से सोमवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के मचहा पंचायत के वार्ड संख्या 15 में 14 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और फोरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

मृतक छात्रा की पहचान मचहा वार्ड 15 निवासी नंदलाल साह की पुत्री ज्योति कुमारी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि ज्योति स्थानीय विद्यालय में नौवीं कक्षा की छात्रा थी और सोमवार सुबह उसकी मौत की खबर मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई।

परिजनों से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 9 बजे ज्योति घर से खेत की ओर घास लाने गई थी। इसी दौरान गांव के कुछ बच्चे दौड़ते हुए उसके घर पहुंचे और परिवार वालों को बताया कि ज्योति खेत में जमीन पर अचेत अवस्था में पड़ी हुई है। सूचना मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और आनन-फानन में उसे इलाज के लिए त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल लेकर गए। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सक डॉ. बीएन पासवान ने बताया कि जब छात्रा को अस्पताल लाया गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब कुछ देर बाद परिजनों की ओर से घटना को लेकर अलग जानकारी सामने आई। परिवार के सदस्यों ने बताया कि ज्योति का पढ़ाई में ज्यादा मन नहीं लगता था। सोमवार सुबह उसकी मां ने पढ़ाई और घर के काम को लेकर उसे डांट दिया था, जिससे वह नाराज होकर अपने कमरे में चली गई। परिजनों का कहना है कि इसी दौरान उसने कथित तौर पर फंदा लगाकर जान दे दी।

घटना की सूचना मिलते ही त्रिवेणीगंज थानाध्यक्ष राकेश कुमार पुलिस टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए फोरेंसिक विशेषज्ञों को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल और शव से जुड़े अहम साक्ष्य एकत्र किए हैं।

थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। मृतका के गले पर गहरे निशान पाए गए हैं, जिससे मौत संदिग्ध लग रही है। उन्होंने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। फिलहाल इस घटना को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, जबकि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी हुई है।

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