सुपौल: भीमनगर चेक पोस्ट पर SSB ने सात नेपाली नाबालिग बच्चों को बचाया, बाल तस्करी की आशंका

भीमनगर चेक पोस्ट पर SSB ने सात नेपाली नाबालिग बच्चों को संदिग्ध परिस्थितियों में भारत प्रवेश करते समय बचाया। सहायक कमांडेंट जगत्तर सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बच्चों को बाल श्रम के लिए लाए जाने की आशंका सामने आई है। सभी बच्चों का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

Report: A.K Chaudhary

सुपौल जिले के भारत-नेपाल सीमा पर स्थित भीमनगर चेक पोस्ट पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) की सतर्कता से सात नेपाली नाबालिग बच्चों को संदिग्ध परिस्थितियों में सीमा पार करते हुए बचाया गया। मामले में बाल तस्करी और बाल श्रम से जुड़े एंगल की जांच की जा रही है।

एसएसबी के सहायक कमांडेंट जगत्तर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को सुबह करीब 11:30 बजे भीमनगर चेक पोस्ट पर नियमित जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान नेपाल की ओर से सात नाबालिग बच्चे भारतीय सीमा की ओर आते दिखाई दिए। ड्यूटी पर तैनात जवानों ने जब बच्चों से पूछताछ की तो वे कोई वैध पहचान पत्र अथवा यात्रा संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। उनके साथ कोई अभिभावक भी मौजूद नहीं था।

उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान बच्चे बार-बार अपने बयान बदल रहे थे, जिससे संदेह गहरा गया। इसके बाद मामले की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। मौके पर मौजूद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की टीम ने बच्चों से गहन पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में यह आशंका सामने आई कि बच्चों को बाल श्रम कराने के उद्देश्य से भारत लाया जा रहा था।

बचाए गए बच्चों की पहचान नेपाल के सप्तरी जिले के निवासी सूरज कुमार सदा (16 वर्ष), राहुल कुमार सदा (15 वर्ष), भोगिंदर सदा (14 वर्ष), रोशन कुमार चौधरी (13 वर्ष), किशन कुमार सदा (10 वर्ष), प्रवीण सदा (10 वर्ष) तथा अरविदेरा सदा (8 वर्ष) के रूप में हुई है। सभी बच्चे सप्तरी जिले के विभिन्न गांवों के रहने वाले हैं।

सहायक कमांडेंट जगत्तर सिंह ने बताया कि सभी बच्चों को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा गया है तथा मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही बच्चों के परिजनों और संभावित तस्करी नेटवर्क के संबंध में भी जांच की जा रही है।

इस कार्रवाई में SSB के एएसआई चंदन, हेड कांस्टेबल अवध बिहारी सिंह, कांस्टेबल अखिलेश्वर ध्रुव, सुरेश सिंह एवं संध्या के साथ AHTU के एएसआई भारत भूषण, हेड कांस्टेबल सुनील कुमार और कांस्टेबल रीना कुमारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सीमा क्षेत्र में मानव तस्करी और बाल श्रम की रोकथाम के लिए SSB एवं AHTU द्वारा लगातार निगरानी और सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की इस तत्परता से सात नाबालिग बच्चों को संभावित तस्करी का शिकार होने से बचाया जा सका।

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