Report: A.K Chaudhary
विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शनिवार को सदर अस्पताल, सुपौल में मिशन परिवार विकास कार्यक्रम के अंतर्गत परिवार नियोजन जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल सर्जन, सुपौल डॉ. बाबू साहब झा ने की। इस अवसर पर जिले में 11 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक चलने वाले जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक-सह-जिला योजना समन्वयक बालकृष्ण चौधरी, जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी शशि भूषण प्रसाद, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक अभिषेक कुमार, अस्पताल प्रबंधक अभिनव आनंद, सदर अस्पताल की परामर्शी उजाला सिंह तथा पिरामल फाउंडेशन के जिला प्रतिनिधि चंदन कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
मौके पर परिवार नियोजन से जुड़े सभी अस्थायी एवं स्थायी उपायों की जानकारी देने के लिए विशेष स्टॉल लगाए गए, जहां विशेषज्ञों द्वारा आमजनों को विस्तृत परामर्श दिया गया। लोगों को छोटे परिवार के लाभ, मां एवं बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य, गर्भधारण के बीच उचित अंतराल तथा परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा ने कहा कि परिवार नियोजन केवल जनसंख्या नियंत्रण का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज और खुशहाल परिवार की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि पति-पत्नी के बीच जागरूकता और सही निर्णय से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है तथा परिवार का सामाजिक और आर्थिक विकास भी सुनिश्चित किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान एएनएम स्कूल की छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से परिवार नियोजन और जनसंख्या स्थिरता का संदेश देकर लोगों को जागरूक किया। वहीं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के जरिए उपस्थित लोगों की परिवार नियोजन संबंधी समझ को बढ़ाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विशेषज्ञों से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा के दौरान जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों—प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), अनुमंडलीय अस्पताल (SDH) एवं सदर अस्पताल (DH)—में महिला बंध्याकरण एवं पुरुष नसबंदी की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इच्छुक लाभार्थी अपने गांव की आशा कार्यकर्ता या एएनएम से संपर्क कर परिवार नियोजन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे परिवार नियोजन को अपनाकर स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध परिवार के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा के तहत पूरे जिले में 31 जुलाई तक विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, परामर्श शिविर और परिवार नियोजन सेवाएं संचालित की जाएंगी।







