News Desk Araria:
अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड स्थित हरिपुर पंचायत सरकार भवन में आयोजित सहयोग शिविर में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया, अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली तथा कई आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभुकों के बीच सहायता राशि के चेक भी वितरित किए और कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना तथा आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सहयोग शिविरों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर समाधान करना और सरकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि राज्यभर में आयोजित सहयोग शिविरों के माध्यम से अब तक 4 लाख 53 हजार 62 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 4 लाख 25 हजार 260 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। शेष लगभग 27 हजार आवेदनों के शीघ्र निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि अररिया जिले में कुल 7,130 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 6,845 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। वहीं हरिपुर पंचायत में मिले 259 आवेदनों में से 245 मामलों का समाधान कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आंकड़े दर्शाते हैं कि बिहार का प्रशासन अब पहले की तुलना में अधिक सक्रिय और जवाबदेह हुआ है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी आवेदन का निष्पादन 30 दिनों के भीतर नहीं किया जाता है तो संबंधित अधिकारी को मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा। लगातार तीन नोटिस के बाद भी कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध निलंबन और अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता के कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 जुलाई से राज्य के 213 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेजों की स्थापना की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही गांवों के हाई स्कूलों में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की जाएगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि बिहार सरकार “सबके साथ न्याय, सबके विकास” की नीति पर काम कर रही है और अपराधियों तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपराध और अवैध गतिविधियों के लिए बिहार में कोई स्थान नहीं है तथा कानून के विरुद्ध कार्य करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि भारत तभी समृद्ध बनेगा जब बिहार समृद्ध होगा और इसके लिए सरकार विकास की हर योजना को तेजी से धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने फारबिसगंज के लोगों को बड़ी सौगात देते हुए घोषणा की कि फारबिसगंज में एयरपोर्ट का निर्माण कराया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया अगले वर्ष से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बिहार के विकास के लिए उपलब्ध कराई गई लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की सहायता के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्ध बिहार का जो सपना देखा था, उसे राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ साकार करेगी। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने, स्वच्छता अभियान को मजबूत बनाने तथा आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने का कार्य निरंतर जारी रहेगा।
ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक गांव और घर तक बिजली पहुंचाने के बाद अब सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं द्वारा 125 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन किया जाएगा, सरकार वह अतिरिक्त बिजली खरीदकर उसके बदले भुगतान करेगी, जिससे लोगों की आय भी बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिलीगुड़ी-गोरखपुर छह लेन एक्सप्रेस-वे तथा कोसी-मेची नदी लिंक परियोजना जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के पूरा होने से सिंचाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। इन परियोजनाओं के माध्यम से खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंचेगा, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और बिहार के किसान आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त होंगे।
इससे पूर्व बिहार सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद, अररिया सांसद प्रदीप कुमार सिंह तथा फारबिसगंज विधायक मनोज विश्वास ने भी सभा को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की विकास योजनाओं और सहयोग शिविरों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।







