Report: A.K Chaudhary
नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब कोसी नदी पर साफ दिखाई देने लगा है। नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिससे तटवर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। सोमवार शाम 4 बजे कोसी बैराज से 2,41,595 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया, जबकि नेपाल के बराह क्षेत्र से 1,62,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए कोसी बैराज के कुल 56 में से 30 फाटक खोल दिए गए हैं।

जलस्तर बढ़ने के साथ ही प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। सुपौल जिलाधिकारी सावन कुमार के निर्देश पर तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। सोमवार को जिलाधिकारी सावन कुमार स्वयं तटबंध क्षेत्रो का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अभी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। जिले के संवेदनशील स्थानों पर अधिकारियों, अभियंताओं और जल संसाधन विभाग की टीमों की तैनाती की गई है। तटबंधों की स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।
इधर, कोसी नदी के भीतर तेज बहाव के कारण कई स्थानों पर कटाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। तटबंध के भीतर बसे गांवों में नदी किनारे की जमीन तेजी से कटने लगी है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। कटाव के खतरे को देखते हुए कई परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हो गए हैं।
प्रशासन ने तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को देने का आग्रह किया गया है। जल संसाधन विभाग की टीम लगातार नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
यदि नेपाल में बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो आने वाले दिनों में कोसी नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को पूरी तैयारी के साथ मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है।







