
Report: A.K. Choudhary
सुपौल जिले के राघोपुर प्रखंड अंतर्गत धरहरा स्थित क्रांति जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड कार्यालय परिसर में मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक आमसभा आयोजित की गई। आमसभा में समिति के बीते वित्तीय वर्ष के आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत करने के साथ आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुमानित बजट एवं कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में जीविका कर्मियों, विभिन्न कैडर के सदस्यों सहित करीब 350 जीविका दीदियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्रांति सीएलएफ की अध्यक्ष खुशबू देवी ने किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड विकास पदाधिकारी सतेंद्र कुमार, प्रखंड परियोजना प्रबंधक जीविका संतोष कुमार वर्मा, क्षेत्रीय समन्वयक रम्भा कुमारी, सामुदायिक समन्वयक निभा कुमारी एवं क्रांति सीएलएफ की अध्यक्ष खुशबू देवी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान उपस्थित जीविका दीदियों को समिति की उपलब्धियों, आर्थिक गतिविधियों तथा आगामी योजनाओं की जानकारी दी गई।
समिति को हुआ 15.37 लाख रुपये का शुद्ध लाभ
आमसभा में समिति की सचिव कविता देवी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्यय का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष के दौरान समिति की कुल आय 77,90,790 रुपये रही, जबकि विभिन्न मदों में 62,52,918 रुपये का व्यय हुआ। इस प्रकार समिति को 15,37,872 रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि समिति की ओर से जीविका दीदियों को रोजगार एवं आजीविका से जोड़ने, उनकी आय में वृद्धि करने तथा आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही महिलाओं की क्षमता का विकास कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
आमसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लेखापरीक्षित वित्तीय विवरण पर भी चर्चा की गई। इसके बाद आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना और विभिन्न व्यवसायिक गतिविधियों को विस्तार देने को लेकर सदस्यों के साथ विचार-विमर्श किया गया।
19.85 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट प्रस्तुत
समिति की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 19,85,64,126 रुपये का अनुमानित बजट प्रस्तुत किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि आगामी वर्ष में विभिन्न स्रोतों के माध्यम से आजीविका एवं व्यवसायिक गतिविधियों को विस्तार देने तथा अधिक से अधिक जीविका दीदियों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
‘जीविका महिला सशक्तिकरण की नई क्रांति’ : बीडीओ
प्रखंड विकास पदाधिकारी सतेंद्र कुमार ने कहा कि आज बिहार के कोने-कोने में ‘जीविका’ सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की एक नई क्रांति बन चुकी है। आप सबने मिलकर यह साबित कर दिया है कि जब ग्रामीण महिलाओं को सही अवसर और मंच मिलता है, तो वे अपने परिवार के साथ-साथ पूरे समाज की तस्वीर बदल सकती हैं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा यहीं नहीं रुकनी चाहिए। हर गरीब परिवार को इस अभियान से जोड़कर उसे समाज की मुख्यधारा में लाने की जरूरत है। उन्होंने स्वास्थ्य, पोषण और बच्चों की शिक्षा के क्षेत्र में भी और मजबूती से काम करने पर जोर दिया।
‘आमसभा पूरे साल की मेहनत का लेखा-जोखा देखने का मंच’ : बीपीएम
प्रखंड परियोजना प्रबंधक जीविका संतोष कुमार वर्मा ने जीविका दीदियों को संबोधित करते हुए कहा कि “यह आमसभा हमारे पूरे साल की मेहनत का लेखा-जोखा देखने और आगे की योजना बनाने का सबसे बड़ा मंच है। हमने मिलकर न केवल स्वयं सहायता समूह (SHG) के माध्यम से बचत और बैंक लिंकेज को बढ़ावा दिया है, बल्कि खेती, पशुपालन और उद्यमिता के क्षेत्र में भी बड़े बदलावों को धरातल पर उतारा है। आज हमारी दीदियां आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं।” उन्होंने जीविका दीदियों से समूह की गतिविधियों को और मजबूत करने तथा उपलब्ध अवसरों का बेहतर तरीके से लाभ उठाकर अपनी आजीविका को और बेहतर बनाने की अपील की।
महिलाओं की भागीदारी से मजबूत हो रही आजीविका गतिविधियां
आमसभा के दौरान जीविका दीदियों ने समिति की गतिविधियों में अपनी सहभागिता और अनुभव भी साझा किए। कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से बचत, बैंक लिंकेज, ऋण सुविधा, खेती, पशुपालन एवं उद्यमिता जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उनके परिवारों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव लाया जा रहा है। आगामी वित्तीय वर्ष में इन गतिविधियों का और विस्तार करने तथा अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की योजना है।







