Report: A.K. Chaudhary
टाउन हॉल, सुपौल में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबित ट्रैफिक एवं परिवहन विभाग से संबंधित चालानों के निष्पादन को लेकर सुबह से ही वाहन स्वामियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से देर शाम तक टाउन हॉल परिसर में लोगों की आवाजाही बनी रही। बड़ी संख्या में वाहन स्वामी आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपने लंबित चालानों के समाधान के लिए पहुंचे।

बिहार सरकार के परिवहन विभाग की “एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना-2026” के तहत इस विशेष अभियान का आयोजन किया गया था। योजना के अंतर्गत 90 दिनों से अधिक समय से लंबित पात्र ट्रैफिक चालानों के त्वरित निष्पादन की व्यवस्था की गई थी। पात्र मामलों में शमन राशि पर 50 प्रतिशत तक की राहत का प्रावधान होने के कारण वाहन स्वामियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
लोक अदालत परिसर में चालान सत्यापन, राशि निर्धारण, भुगतान, तकनीकी सहायता और मार्गदर्शन के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए गए थे। अधिकारियों और कर्मियों ने मौके पर ही वाहन स्वामियों को चालान से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई और निष्पादन की प्रक्रिया में सहयोग किया। ऑनलाइन और यूपीआई सहित विभिन्न भुगतान माध्यमों की सुविधा से लोगों को काफी सहूलियत मिली।

समाचार लिखे जाने तक करीब 280 लंबित चालानों का निष्पादन किया जा चुका था, जबकि लगभग छह लाख रुपये की शमन राशि जमा हुई थी। अधिकारियों के अनुसार देर शाम तक चालानों के निष्पादन और जमा राशि में और वृद्धि होने की संभावना थी।
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सुपौल ने आयोजन स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न काउंटरों पर पहुंचकर चालान निष्पादन की प्रक्रिया और आम नागरिकों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम लोगों को त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे आयोजनों से नागरिकों को लंबित मामलों के समाधान का सहज अवसर मिलता है।
वहीं जिला पदाधिकारी सावन कुमार एवं पुलिस अधीक्षक शरथ आर.एस. ने भी टाउन हॉल पहुंचकर व्यवस्थाओं और चालान निष्पादन कार्य का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने विभिन्न काउंटरों का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिया कि लोक अदालत में आने वाले वाहन स्वामियों को अनावश्यक परेशानी या लंबी प्रतीक्षा का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने पूरी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से संचालित करने पर जोर दिया।
जिला प्रशासन, जिला परिवहन कार्यालय और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के समन्वय से आयोजन स्थल पर पेयजल, बैठने की व्यवस्था, सहायता डेस्क और तकनीकी सहयोग सहित आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। भीड़ को व्यवस्थित रखने और वाहन स्वामियों को चालान संबंधी जानकारी देने के लिए पर्याप्त संख्या में कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी।
जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि लोक अदालत के आयोजन से पूर्व लंबित चालान वाले संबंधित वाहन स्वामियों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से सूचना भेजी गई थी। इसके अलावा आईवीआर कॉलिंग के जरिए भी वाहन स्वामियों को लोक अदालत में उपस्थित होकर लंबित चालानों का निष्पादन कराने की जानकारी दी गई। व्यापक सूचना एवं जागरूकता अभियान का असर आयोजन स्थल पर भी देखने को मिला।
यातायात पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि “एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना-2026” का उद्देश्य पुराने लंबित चालानों के पात्र मामलों का शीघ्र निष्पादन करते हुए वाहन स्वामियों को राहत देना है। साथ ही लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और भविष्य में नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना भी अभियान का उद्देश्य है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में वाहन स्वामियों की भागीदारी से स्पष्ट हुआ कि लोग अपने लंबित चालानों के त्वरित और सुविधाजनक समाधान को लेकर जागरूक हैं। जिला प्रशासन ने वाहन स्वामियों से अपील की कि वे लंबित चालानों का समय पर निष्पादन कराएं और भविष्य में यातायात नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित यातायात व्यवस्था में सहयोग करें।







