राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग को लेकर सुपौल में डाटा एंट्री ऑपरेटरों का रोड मार्च, सरकार के खिलाफ बुलंद की आवाज

Report: A.K. Chaudhary

बिहार राज्य डाटा एंट्री ऑपरेटर संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर रविवार को सुपौल में डाटा एंट्री ऑपरेटरों एवं अन्य संविदाकर्मियों ने रोड मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मियों ने सरकार से उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग उठाई और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की।

रोड मार्च की शुरुआत गांधी मैदान से हुई, जो लोहिया नगर होते हुए लोहिया चौक तक पहुंची। मार्च का नेतृत्व संयुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष गुंजन कुमार एवं सचिव अमित कुमार सिंह ने किया। इसमें जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर, प्रोग्रामर, स्टेनोग्राफर सहित आईटी ब्वॉयज एवं गर्ल्स ने भाग लिया।

प्रदर्शन के बाद संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधियों ने बताया कि उनकी प्रमुख मांग बेल्ट्रॉन के माध्यम से सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की है। उन्होंने कहा कि पिछले करीब 25 वर्षों से बिहार के विभिन्न सरकारी विभागों एवं कार्यालयों में लगभग 20 हजार कर्मी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ये कर्मी टंकण, लिपिकीय एवं आईटी से जुड़े ऑनलाइन कार्यों का नियमित रूप से निष्पादन कर रहे हैं। कई ऐसे महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी भी इन्हीं कर्मियों के पास है, जिनके लिए पहले अलग-अलग पद निर्धारित थे।

प्रतिनिधियों ने कहा कि कर्मियों की दक्षता परीक्षा ली जा चुकी है और बिपार्ड के माध्यम से आवासीय संस्थागत प्रशिक्षण भी दिया गया है। प्रशिक्षण के बाद प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध कराए गए हैं। इसके बावजूद लंबे समय से स्थायी प्रकृति के कार्य करने वाले कर्मियों को अब तक राज्यकर्मी का दर्जा नहीं मिला है। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं सूचना प्रावैधिकी विभाग के मंत्री को ज्ञापन भेजकर अपनी मांगों से अवगत कराने की बात कही।

कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो महाधरना, काला बिल्ला लगाकर विरोध और हड़ताल सहित चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कार्यरत बड़ी संख्या में डाटा एंट्री ऑपरेटर एवं अन्य कर्मी शामिल हुए।

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