News Desk Patna:
बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की ओर से आयोजित छात्र गर्जना रैली में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और परिषद कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता रोको’ के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों ने लोकतांत्रिक व्यवस्था, संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय अखंडता की रक्षा का संकल्प लिया। रैली के दौरान छात्रों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा कि देश की संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा पर किसी भी तरह का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

रैली की शुरुआत गांधी मैदान से हुई, जो डाकबंगला चौराहे की ओर आगे बढ़ी। इस दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता और छात्र शामिल हुए। कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष यश डबास भी पहुंचे। रैली में शामिल छात्रों ने खुले मंच से अपनी बात रखते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और राष्ट्रीय अखंडता को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से मजबूती से विरोध किया जाएगा। छात्रों ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि देश की एकता और अखंडता के साथ खिलवाड़ करने वाली ताकतों के मंसूबे कभी सफल नहीं होने दिए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र केवल सरकार चलाने की व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह संवैधानिक संस्थाओं, नागरिक अधिकारों और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के सम्मान का आधार है। जब इन मूल्यों और संस्थाओं की गरिमा पर आघात होता है, तब युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे अपनी आवाज बुलंद करें। अभाविप का कहना है कि इस प्रदर्शन का उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जागरूकता बढ़ाना और संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश समाज तक पहुंचाना है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य समीक्षा यदुवंशी ने अपने संबोधन में कहा कि जो लोग भारत को बांग्लादेश बनाने की मंशा रखते हैं, उन्हें आज एकजुट होकर अंतिम चेतावनी दी जा रही है कि वे अपनी ऐसी मंशा छोड़ दें। उन्होंने कहा कि देश का युवा जागरूक है और किसी भी ऐसी विचारधारा को सफल नहीं होने देगा, जिससे देश की एकता और अखंडता प्रभावित हो। उन्होंने आरोप लगाया कि वामपंथी विचारधारा शिक्षा में सुधार के नाम पर युवाओं को भड़काने और राष्ट्र विरोधी एजेंडे को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है।
अभाविप के प्रदेश सह मंत्री शिवजी कुमार ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता, गरिमा और मर्यादा का सम्मान बेहद जरूरी है। लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं पर आघात होने की स्थिति में युवाओं को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने युवाओं और आम नागरिकों से भी इस अभियान में सहभागी बनने की अपील की।
रैली में शामिल छात्रों ने कुछ वामपंथी छात्र संगठनों पर राष्ट्र विरोधी एजेंडा फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि युवाओं को गुमराह करने और जेन जी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। छात्रों का कहना था कि देश का युवा लोकतंत्र, छात्र एकता और राष्ट्रीय अखंडता को मजबूत बनाए रखने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को किसी राजनीतिक या वैचारिक एजेंडे के माध्यम से दबाया नहीं जा सकता।
बारिश के बीच भी डटे रहे छात्र
छात्र गर्जना रैली के दौरान मौसम भी प्रदर्शनकारियों की परीक्षा लेता रहा। बारिश होने के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र मैदान में डटे रहे और लगातार नारेबाजी करते हुए अपने विचार रखे। वक्ताओं ने आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने उस दौर में लोकतंत्र की रक्षा के लिए आंदोलन का नेतृत्व किया था, उसी तरह आज के युवाओं को भी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। छात्रों ने कांग्रेस और वामपंथी विचारधारा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पूर्व में भी लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के प्रयास किए गए थे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, बिहार प्रदेश की ओर से कहा गया कि यह कार्यक्रम लोकतंत्र की मजबूती, संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के प्रति जनजागरण का प्रयास है। परिषद युवाओं की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से समाज में संवैधानिक मर्यादाओं के सम्मान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जागरूकता बढ़ाने का काम करेगी। रैली के समापन के दौरान भी छात्रों ने राष्ट्रीय एकता, लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।







