सुपौल: 80 करोड़ की लागत से ललितग्राम में वाशिंग पिट का हुआ शिलान्यास, सांसद दिलेश्वर कामैत बोले- क्षेत्र से देशभर के लिए चलेंगी ट्रेनें, वर्षों की मांग हुई पूरी

सुपौल जिले के ललितग्राम रेलवे स्टेशन पर 80 करोड़ की लागत से बनने वाले वाशिंग पिट निर्माण कार्य का शिलान्यास सांसद दिलेश्वर कामैत ने किया। इस दौरान विधायक नीरज सिंह बबलू समेत रेलवे अधिकारी मौजूद रहे। वर्षों से चल रही मांग पूरी होने पर स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है।

Report: A.K Chaudhary

सुपौल जिले के ललितग्राम में बुधवार को विकास का एक नया अध्याय जुड़ गया, जब ललितग्राम रेलवे स्टेशन परिसर में करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले वाशिंग पिट निर्माण कार्य का शिलान्यास सुपौल सांसद दिलेश्वर कामैत द्वारा किया गया। इस अवसर पर छातापुर विधायक नीरज कुमार सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सांसद एवं विधायक ने शिलापट्ट का अनावरण किया तथा भूमि पूजन कर ईंट जोड़कर निर्माण कार्य की नींव रखी।

भूमि पूजन करते सांसद व विधायक

स्टेशन परिसर में आयोजित समारोह में रेलवे के सीनियर डीसीएम अनन्या स्मृति, सीनियर डीइएन (स.) संजय कुमार समेत कई रेलवे अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर त्रिवेणीगंज एसडीपीओ विभाष कुमार, रेल पुलिस फोर्स एवं ललितग्राम थाना पुलिस तैनात रही।

सांसद का स्वागत करते रेलवे अधिकारी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद दिलेश्वर कामैत ने कहा कि आज का दिन पूरे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से ललितग्राम में वाशिंग पिट निर्माण की मांग उठ रही थी और आज उसका सपना साकार होता दिख रहा है। सांसद ने बताया कि यह परियोजना पहले फेज में करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से शुरू की गई है तथा आवश्यकता पड़ने पर आगे और राशि उपलब्ध कराई जाएगी। सांसद ने कहा कि राघोपुर-सिमराही क्षेत्र के कुछ समाजसेवियों ने उनसे मुलाकात कर बताया था कि ललितग्राम में रेलवे की करीब 70 एकड़ जमीन उपलब्ध है, जहां वाशिंग पिट एवं अन्य रेलवे सुविधाओं का विकास किया जा सकता है। इसके बाद उन्होंने इस मुद्दे को संसद में मजबूती से उठाया और रेलवे मंत्रालय के समक्ष लगातार मांगे रखी, जिसका परिणाम आज सामने है। उन्होंने कहा कि वाशिंग पिट बनने के बाद ललितग्राम एक महत्वपूर्ण रेलवे टर्मिनल के रूप में विकसित होगा तथा यहां से देश के विभिन्न हिस्सों के लिए ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं बढ़ेंगी। सांसद ने यह भी कहा कि निर्माण कार्य लगभग डेढ़ वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा। सांसद ने अपने संबोधन में पूर्व रेल मंत्री स्वर्गीय ललित नारायण मिश्र को याद करते हुए कहा कि उनका सपना था कि ललितग्राम में रेलवे का बड़ा विकास हो। उन्होंने ही इस इलाके में रेलवे विस्तार के लिए जमीन दान में दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और आज उनका सपना धीरे-धीरे साकार होता दिख रहा है।

विधायक का स्वागत करते रेलवे अधिकारी

वहीं छातापुर विधायक नीरज कुमार सिंह ने कहा कि छातापुर के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि वाशिंग पिट निर्माण से इस पूरे क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा तथा रोजगार और रेल सुविधाओं के नए अवसर पैदा होंगे। विधायक ने कहा कि स्वर्गीय ललित नारायण मिश्र के प्रयासों से इस क्षेत्र में रेलवे का जाल बिछा और अब उनका सपना नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में और भी कई कार्य यहां होना है। कहा कि एनडीए सरकार में विकास की झड़ी लगी हुई है। उन्होंने रेलवे अधिकारियों से कहा कि ललितग्राम में रेलवे के जमीन पर कुछ लोग अतिक्रमण किये हुए है जिसे हटाकर जमीन का घेराबंदी किया जाए। साथ ही उन्होंने छातापुर हॉल्ट का नाम बदलकर भीमपुर हॉल्ट करने का मांग किया।

मंच पर उपस्थित सांसद, विधायक व अन्य

रेलवे के सीनियर डीइएन (स.) संजय कुमार ने कहा कि विभाग की कोशिश है कि डेढ़ साल के भीतर वाशिंग पिट निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए। उन्होंने बताया कि भविष्य में बची हुई रेलवे भूमि पर जनप्रतिनिधियों के सुझाव और रेलवे मंत्रालय की स्वीकृति के आधार पर अन्य विकास कार्य भी किए जाएंगे।

कार्यक्रम में उपस्थित लोग

गौरतलब है कि ललितग्राम में वाशिंग पिट निर्माण की मांग को लेकर वर्षों से स्थानीय लोग और समाजसेवी लगातार आंदोलन और प्रयास करते रहे हैं। इस अभियान को आगे बढ़ाने में राघोपुर निवासी मयंक गुप्ता, बैद्यनाथ भगत, उमेश गुप्ता, दीपक यादव, आशुतोष झा, अरुण जायसवाल, प्रशांत वर्मा, गुड्डू गुप्ता सहित दर्जनों लोगों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इन लोगों ने लगातार जनप्रतिनिधियों और रेलवे अधिकारियों के समक्ष क्षेत्र की जरूरतों को उठाया तथा ललितग्राम को रेलवे हब के रूप में विकसित करने की मांग करते रहे। स्थानीय लोगों का मानना है कि वाशिंग पिट निर्माण से आने वाले समय में सुपौल जिले को रेलवे के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।

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