मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच आम आदमी को महंगाई का बड़ा झटका,घरेलू सिलेंडर 60 और कमर्शियल 115 रुपए महंगा

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच घरेलू LPG सिलेंडर 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 115 रुपये महंगा हो गया है। नई कीमतें आज से लागू कर दी गई हैं।

News Desk Patna:

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारत समेत कई देशों की ऊर्जा व्यवस्था पर भी दिखने लगा है। ईरान और इजरायल के बीच जारी टकराव के बीच ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इसी का असर अब घरेलू बाजार में भी देखने को मिल रहा है।

तेल कंपनियों ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की वृद्धि की गई है। वहीं, कमर्शियल गैस सिलेंडर 115 रुपये महंगा कर दिया गया है। नए दाम आज से लागू हो गए हैं और तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपडेट कर दिए गए हैं।

नई दरों के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये, पटना में 942 से बढ़कर 1002 रुपये हो गई है। इससे पहले अप्रैल 2025 के बाद पहली बार घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में बदलाव किया गया है।

हालांकि, केंद्र सरकार ने देश में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर किसी भी तरह की कमी की आशंका से इनकार किया है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने कहा कि सरकार देश के नागरिकों के लिए सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए भरोसा दिलाया कि भारत में ऊर्जा संसाधनों की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को आपूर्ति बाधित होने की चिंता करने की जरूरत नहीं है।

इसी बीच Indian Oil Corporation ने भी सोशल मीडिया पर फैल रही उन खबरों को खारिज किया, जिनमें पेट्रोल और डीजल की कमी की बात कही जा रही थी। कंपनी ने स्पष्ट किया कि देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है और आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी संभावित बाधाओं के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति फिलहाल सुरक्षित और संतुलित स्थिति में है। देश के पास विभिन्न देशों से आयात के कई विकल्प मौजूद हैं, जिससे जरूरत के अनुसार क्रूड ऑयल, पेट्रोलियम उत्पाद और एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से तेल और गैस की कीमतों पर दबाव पड़ना स्वाभाविक है। ऐसे में यदि वैश्विक हालात लंबे समय तक अस्थिर रहते हैं, तो इसका असर आगे भी ईंधन की कीमतों पर देखने को मिल सकता है।

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