Report: A.K Chaudhary
सुपौल जिले के वीरपुर थाना पुलिस ने हथियार के बल पर हुई लूट की एक घटना का सफल उद्भेदन करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटी गई बाइक और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। घटना के दस दिन बाद पुलिस को यह महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
रविवार को वीरपुर थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान एसडीपीओ सुरेन्द्र कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 18 मई 2026 की रात करीब 9:30 बजे परमानंदपुर पंचायत के भांट टोला के समीप बाइक सवार अपराधियों ने एक युवक को हथियार दिखाकर रोक लिया था। इसके बाद अपराधियों ने उसकी बाइक और मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए थे।

घटना के बाद पीड़ित मो. फैज़ान द्वारा वीरपुर थाना में आवेदन दिया गया, जिसके आधार पर कांड संख्या 206/2026 दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। जांच के दौरान संदिग्धों की पहचान होने पर वीरपुर थानाध्यक्ष राजकिशोर मंडल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
गठित टीम ने विभिन्न स्थानों पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लूटकांड में संलिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बलभद्रपुर वार्ड संख्या 5 निवासी शमीम अख्तर (24 वर्ष), नसरुल आलम (21 वर्ष) तथा बेरिया कमाल वार्ड संख्या 7 निवासी मो. राजा (22 वर्ष) के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि लूटे गए मोबाइल फोन की खरीद-बिक्री में दो अन्य लोग भी शामिल थे। इसके बाद पुलिस ने छातापुर वार्ड संख्या 2 निवासी मो. परवेज (25 वर्ष) और मो. नियाज (30 वर्ष) को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर चोरी एवं लूट के मोबाइल की खरीदारी करने का आरोप है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने अपराधियों के कब्जे से लूटी गई यामाहा मोटरसाइकिल (बीआर 38 एआर 1670) तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद सामान की पहचान पीड़ित द्वारा की गई है।
एसडीपीओ ने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है तथा गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
इस अभियान में वीरपुर थानाध्यक्ष राजकिशोर मंडल, सब-इंस्पेक्टर शिवम चौबे, डीआईयू सेल के पदाधिकारी एवं कर्मी, महिला पुलिसकर्मी तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।







