बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान आज शाम 4 बजे, निर्वाचन आयोग करेगा प्रेस कॉन्फ्रेंस

News Desk Patna:

बिहार की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम होने वाला है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार आज विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो जाएगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनावी कार्यक्रम की घोषणा करेंगे। माना जा रहा है कि इस बार चुनाव एक या दो चरणों में संपन्न कराए जा सकते हैं। इसके साथ ही कुछ राज्यों में उपचुनावों की तारीखें भी घोषित की जाएंगी।

निर्वाचन आयोग की टीम ने बीते सप्ताह पटना दौरा कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की थी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी राज्य के दौरे पर आए थे, जहां उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स और मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अब दिल्ली से तारीखों की घोषणा की जाएगी।

चुनाव की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। आयोग ने हाल ही में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम पूरा कर लिया है। इसके बाद 30 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। उसी दिन सभी जिलों में जिला निर्वाचन पदाधिकारी (डीएम) की ओर से मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मतदाता सूची की सॉफ्ट और हार्ड कॉपी सौंपी गई। इसके बाद से ही राज्यभर में चुनावी हलचल तेज हो गई है। आयोग ने जिलेवार तैयारियों की समीक्षा की है और चुनाव ड्यूटी में तैनात होने वाले कर्मियों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही बिहार की दो प्रमुख राजनीतिक ध्रुव—एनडीए और महागठबंधन—के बीच सीट बंटवारे और उम्मीदवारों की घोषणा पर मंथन भी तेज हो जाएगा।

बिहार में विधानसभा चुनाव परंपरागत रूप से कई चरणों में कराए जाते रहे हैं, लेकिन इस बार यदि आयोग ने एक या दो चरणों में चुनाव कराने का निर्णय लिया, तो यह राज्य के चुनावी इतिहास में बड़ा बदलाव माना जाएगा।
पिछले चुनावों पर नजर डालें तो—

  • 2020 में तीन चरणों में मतदान हुआ था: 28 अक्तूबर, 3 नवंबर और 7 नवंबर।
  • 2015 में पांच चरणों में वोटिंग हुई थी।
  • 2010 में छह चरणों में चुनाव कराए गए थे।
  • अक्टूबर 2005 में चार चरणों में और
  • फरवरी 2005 में तीन चरणों में मतदान हुआ था।

इस बार अगर सिर्फ एक या दो चरणों में चुनाव सम्पन्न होते हैं, तो यह न केवल चुनावी मशीनरी की दक्षता को प्रदर्शित करेगा बल्कि सुरक्षा और संसाधन प्रबंधन के दृष्टिकोण से भी एक महत्वपूर्ण प्रयोग साबित हो सकता है।

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