सुपौल: राघोपुर पुलिस को मिली बड़ी सफलता, फाइनेंस कर्मी से लूट की घटना का चार दिन में खुलासा, मुख्य आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल व नकदी बरामद

न्यूज डेस्क सुपौल:

जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बरमोतरा गांव में गत 30 मई को दिनदहाड़े हुई लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने महज चार दिनों में उद्भेदन कर लिया है। इस कांड में शामिल एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से लूटा गया मोबाइल फोन और नकद रुपये बरामद कर लिए गए हैं। हालांकि इस वारदात में संलिप्त दूसरा आरोपी अब भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

बता दें कि 30 मई को एक निजी फाइनेंस कंपनी के फील्ड एग्जीक्यूटिव, जो क्षेत्र में ग्राहकों से कलेक्शन का कार्य कर रहे थे, जब बरमोतरा गांव पहुंचे तो दो अज्ञात युवकों ने उन्हें दिन के समय अकेले पाकर रोका और हथियार के बल पर उनसे ₹48,360 नकद और एक मोबाइल फोन लूट लिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

घटना के तुरंत बाद पीड़ित फाइनेंस कर्मी ने ग्रामीणों के साथ मिलकर संदिग्धों की पहचान की कोशिश शुरू कर दी। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने उन्हें कुछ युवकों की तस्वीरें दिखाईं, जिनमें से एक की पहचान पीड़ित ने तुरंत कर ली। पहचाना गया युवक राघोपुर थाना क्षेत्र के हुलास गांव निवासी नीतीश कुमार निकला, जिसे पीड़ित ने एफआईआर में नामजद आरोपी के रूप में अंकित कराया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

प्राप्त सूचना के आधार पर राघोपुर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। मामले के जांच अधिकारी आरबी सिंह ने तकनीकी साक्ष्यों (मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज आदि) के साथ-साथ मानव खुफिया तंत्र का सहारा लेकर आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने कई ठिकानों पर छापेमारी की और आखिरकार 3 जून की देर शाम नीतीश कुमार को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।

बरामदगी और आगे की कार्रवाई

गिरफ्तार युवक के पास से पुलिस ने लूटा गया मोबाइल फोन और ₹2,050 नगद बरामद किया है। पुलिस का मानना है कि लूट की शेष राशि और दूसरा आरोपी अभी फरार है, जो नीतीश कुमार का सहयोगी बताया जा रहा है। पुलिस अधिकारी आरबी सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि फरार आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

पुलिस का बयान

जांच अधिकारी ने बताया, “लूट की घटना गंभीर थी, लेकिन समय पर सूचना और ग्रामीणों की सजगता के कारण हमने महज चार दिन के भीतर एक आरोपी को पकड़ लिया। तकनीकी और स्थानीय सहयोग ने इस मामले में बड़ी भूमिका निभाई। जल्द ही दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”

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