सुपौल: नरसिंह मंदिर में भक्तिमय माहौल, फूलों की होली के संग मनाया गया फाल्गुन महोत्सव

न्यूज डेस्क सुपौल:

सुपौल जिले के राघोपुर प्रखंड क्षेत्र के गणपतगंज बाजार स्थित नरसिंह मंदिर परिसर में सोमवार की रात 19वां फाल्गुन महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भक्ति जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा कटिहार, मधुबनी, विराटनगर (नेपाल) और सिलीगुड़ी समेत कई जगहों से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी।

भजन प्रस्तुत कर रही कलाकार

फूलों की होली से महक उठा माहौल

सोमवार रात 8 बजे से शुरू हुए भक्ति जागरण में श्रद्धालुओं ने फूलों की होली खेली, जिससे माहौल भक्तिमय हो उठा। इस दौरान भक्तगण भक्ति गानों पर झूमते-गाते नजर आए। प्रसिद्ध भजन गायकों की प्रस्तुति से माहौल और भी भक्तिपूर्ण हो गया।

फूलों की होली खेलते लोग

कलश यात्रा और निशान यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

महोत्सव के दूसरे दिन, मंगलवार की सुबह 8 बजे मंदिर परिसर से राधा-कृष्ण ठाकुरबाड़ी, गणपतगंज से कलश यात्रा सह निशान यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने भाग लिया। महिलाएं सिर पर कलश लेकर चल रही थीं, तो वहीं पुरुष भक्त ध्वज (निशान) लहराते हुए भक्ति रस में डूबे नजर आए। यात्रा पूरे गणपतगंज बाजार से होते हुए मंदिर परिसर में आकर संपन्न हुई।

झांकी प्रस्तुत करते कलाकार

श्रद्धालुओं की अपार भीड़

कमिटी के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने जानकारी दी कि इस वर्ष बिहार के विभिन्न जिलों से सैकड़ों श्रद्धालु इस महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि यह फाल्गुन महोत्सव का 19वां वर्ष था और हर साल यह आयोजन पहले से अधिक भव्य रूप लेता जा रहा है।

पूजा अर्चना करते श्रद्धालु

महाप्रसाद का आयोजन

महोत्सव के समापन के उपरांत मंगलवार को महाप्रसाद का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालु

मंदिर के पुजारी का क्या कहना है?

मंदिर के मुख्य पुजारी विनय झा ने बताया कि विगत कई वर्षों से नरसिंह बाबा के इस परिसर में फागुणोत्सव का आयोजन किया जाता रहा है। इस अवसर पर श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएँ नरसिंह बाबा के समक्ष रखते हैं, और बाबा उनके कष्टों का निवारण करते हैं। उन्होंने कहा, “ऐसे कई भक्तों के उदाहरण हैं, जिनकी मनोकामनाएँ बाबा ने पूर्ण की हैं।”

कलश यात्रा सह निशान यात्रा

मौके पर प्रहलाद राय मोहनका, सत्यनारायण अग्रवाल, दीनानाथ अग्रवाल, बंटी अग्रवाल, श्रवण भरतिया, केदार माधोगड़िया, शिवकुमार मोहनका, हेमराज मांडिवाल, नथमल मांडिवाल, गोपाल चांद आदि लोग उपस्थित थे।

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