बिहार विधानसभा का मानसून सत्र हंगामेदार शुरुआत के साथ शुरू, विपक्ष ने नीतीश सरकार को कानून-व्यवस्था और दागी मंत्रियों को लेकर घेरा

न्यूज डेस्क पटना:

बिहार विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत ही हंगामेदार रही। एक ओर जहां सदन के बाहर विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया, वहीं सदन के भीतर भी जोरदार शोरगुल देखने को मिला।

विपक्ष ने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा। राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि भाजपा हत्या की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे तो हत्या की घटनाएं रुक सकती हैं। उन्होंने मंत्रिमंडल में ‘दागी’ मंत्रियों की मौजूदगी पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि आज आम आदमी अपने को असुरक्षित महसूस कर रहा है।

सदन के बाहर विपक्षी नेताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया, जिन पर ‘बिहार में गुंडाराज’ जैसे नारे लिखे थे। कांग्रेस और एआईएमआईएम के नेताओं ने विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर भी सरकार को आड़े हाथों लिया और आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया चुनाव से पहले पक्षपातपूर्ण ढंग से चलाई जा रही है।

फिलहाल सदन की कार्यवाही को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, 17वीं विधानसभा का यह मानसून सत्र कुल पांच दिनों का होगा, जो सोमवार से शुक्रवार तक चलेगा। हालांकि सत्र छोटा है, लेकिन सरकार के लिए यह काफी अहम माना जा रहा है।

बताया गया है कि नीतीश सरकार इस सत्र में करीब दर्जनभर विधेयक प्रस्तुत करने जा रही है, जिनमें चार मूल और आठ संशोधन विधेयक शामिल हैं। इनमें से कई विधेयक युवाओं, बेरोजगारों, कामगारों और रैयतों के लिए खास महत्व रखते हैं। सरकार की योजना है कि इन विधेयकों को पारित कराकर जल्द से जल्द उन्हें कानून का रूप दिया जाए।

गौरतलब है कि इस साल के अंत में राज्य में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, ऐसे में यह सत्र नीतीश सरकार के लिए नीति और संदेश दोनों स्तर पर अहम साबित हो सकता है।

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