सुपौल: बलुआ बाजार में राजकीय सम्मान के साथ मनाई गई ललित नारायण मिश्र की 52वीं पुण्यतिथि

News Desk Supaul:

भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री स्वर्गीय ललित नारायण मिश्र की 52वीं पुण्यतिथि आज उनके पैतृक गांव बलुआ बाजार में पूरे राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धा और गरिमा के माहौल में मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित राजकीय समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य नागरिक और स्थानीय लोग शामिल हुए।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुपौल के सांसद दिलेश्वर कामैत तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में राजद एमएलसी अजय कुमार सिंह की उपस्थिति रही। इसके अलावा जिला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन के अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आमजन भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

पुण्यतिथि कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा स्व. ललित नारायण मिश्र के समाधि स्थल पर पुष्पमाला अर्पित कर की गई। इसके पश्चात उनके तैलचित्र पर पुष्प अर्पित किया गया। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान को स्मरण किया गया। पूरे वातावरण में श्रद्धा और सम्मान का भाव व्याप्त रहा।

इसके बाद आयोजित श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने स्व. ललित बाबू के व्यक्तित्व, कृतित्व और देश के विकास में उनके अतुलनीय योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।

सभा को संबोधित करते हुए सुपौल सांसद दिलेश्वर कामैत ने कहा कि स्व. ललित नारायण मिश्र ने रेलवे के क्षेत्र में जो दूरदर्शी सपने देखे थे, उन्हें साकार करने के लिए आज भी सरकार लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि कोसी, सीमांचल और मिथिलांचल क्षेत्रों में रेलवे का जाल तेजी से बिछाया जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट है कि ललित बाबू का सपना आज धीरे-धीरे साकार हो रहा है।

वहीं राजद एमएलसी अजय कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि स्व. ललित नारायण मिश्र ने मैथिली भाषा को साहित्य अकादमी की सूची में शामिल करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, लेकिन आज उनके न रहने से बिहार सरकार मैथिली भाषा की उपेक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि ललित बाबू ने अपने कार्यकाल में 36 रेल परियोजनाओं को स्वीकृति दिलाई थी, और यदि वे आज जीवित होते तो इस पूरे क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर रेल लाइन बिछ चुकी होती।

कार्यक्रम में उपस्थित स्थानीय वक्ताओं ने भी स्व. ललित बाबू के कार्यकाल को स्वर्णिम बताते हुए उनके जनहितैषी कार्यों, सरल व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर स्व. ललित नारायण मिश्र के पौत्र सुमित मिश्रा ने पुण्यतिथि पर आयोजित भव्य कार्यक्रम के लिए सभी अतिथियों, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

समारोह के माध्यम से एक बार फिर स्व. ललित नारायण मिश्र के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।

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