News Desk Supaul:
जिले के पिपरा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत महेशपुर गांव में निर्माणाधीन उप स्वास्थ्य केंद्र के भवन को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि भवन निर्माण कार्य में तय मानकों की अनदेखी की जा रही है। इसको लेकर ग्रामीणों ने संबंधित उच्च अधिकारियों से शिकायत करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित कोई सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि भवन किस योजना के तहत और कितनी लागत से बनाया जा रहा है। इसके अलावा निर्माण में घटिया गुणवत्ता की ईंट, स्थानीय बालू तथा कम गुणवत्ता वाले छड़ और सीमेंट के उपयोग का भी आरोप लगाया गया है, जिससे भवन की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

मामले की जानकारी मिलने के बाद सीएचसी पिपरा के हेल्थ मैनेजर रतीश झा मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि संबंधित अभियंता को बुलाकर निर्माण कार्य की जांच कराई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही आगे का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए फिलहाल भवन निर्माण कार्य को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक कार्य शुरू नहीं किया जाना चाहिए।







