बिहार राज्यसभा चुनाव: एनडीए ने जीतीं सभी पांच सीटें, नीतीश समेत गठबंधन के सभी उम्मीदवार विजयी

बिहार राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज की। गठबंधन के सभी उम्मीदवारों की जीत से राज्य की राजनीति में एनडीए की स्थिति और मजबूत हो गई है।

News Desk Patna:

Bihar Rajya Sabha Election NDA Victory: बिहार की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने राज्यसभा चुनाव में अपना दबदबा कायम कर लिया है। जिन चार सीटों पर पहले से जीत लगभग तय मानी जा रही थी, वहां एनडीए ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए सभी पांचों सीटों पर विजय हासिल कर ली। एनडीए के विजयी उम्मीदवारों में नीतीश कुमार, नितिन नवीन, उपेन्द्र कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर और शिवेश राम शामिल हैं। सभी उम्मीदवारों की जीत के साथ एनडीए खेमे में उत्साह का माहौल है।

दरअसल, इस बार राज्यसभा की कुल 37 सीटें खाली हुई थीं। इनमें से 26 सीटों पर उम्मीदवारों को पहले ही निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया था। शेष 11 सीटों पर मतदान कराया गया, जिनके नतीजे आज शाम तक घोषित किए जाने हैं। जिन राज्यों में मतदान हुआ, उनमें बिहार की पांच, ओडिशा की चार और हरियाणा की दो सीटें शामिल हैं। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मतगणना की तैयारी की जा रही है और देर शाम तक अंतिम परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा था। एनडीए ने मजबूत रणनीति के तहत अपने प्रमुख नेताओं को मैदान में उतारा था। गठबंधन की ओर से जनता दल (यूनाइटेड) के शीर्ष नेता नीतीश कुमार, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया गया था। इसके अतिरिक्त, जदयू से केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और भाजपा के प्रदेश महासचिव शिवेश कुमार भी चुनावी मैदान में थे।

वहीं दूसरी ओर, महागठबंधन की प्रमुख पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अपने उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह के समर्थन में पूरी ताकत झोंक दी थी। राजद लगातार विधायकों और सहयोगी दलों का समर्थन जुटाने में लगी रही, ताकि मुकाबले को कड़ा बनाया जा सके। हालांकि, संख्याबल और रणनीतिक बढ़त के चलते एनडीए ने चुनावी बाजी अपने नाम कर ली।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस जीत से बिहार में एनडीए की स्थिति और मजबूत होगी तथा आगामी चुनावों में भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। राज्यसभा में बढ़ती संख्या के साथ ही एनडीए को राष्ट्रीय स्तर पर भी विधायी कार्यों में मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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