सुपौल: राघोपुर प्रखंड के विभिन्न ईदगाहों में अकीदत के साथ अदा हुई ईद की नमाज, भाईचारे का दिया गया संदेश

राघोपुर प्रखंड के सिमराही सहित विभिन्न ईदगाहों में ईद-उल-फितर की नमाज अकीदत के साथ अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने गले मिलकर भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया।

Report: A.K Chaudhary

जिले के राघोपुर प्रखंड के सिमराही, गणपतगंज, राघोपुर और करजाईन सहित आसपास के इलाकों में ईद-उल-फितर का पर्व श्रद्धा, उल्लास और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। सुबह से ही ईदगाहों की ओर नमाजियों का हुजूम उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग पारंपरिक परिधानों में ईदगाह पहुंचे और सामूहिक रूप से नमाज अदा कर देश में अमन-शांति, तरक्की और सामाजिक सौहार्द की दुआ मांगी।

नमाज अदा करने के बाद इमामों ने अपने संबोधन में ईद की अहमियत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह त्योहार आपसी प्रेम, भाईचारा और मेल-मिलाप का प्रतीक है। ईद हमें आपसी मतभेदों को भुलाकर एक-दूसरे के प्रति सद्भाव रखने और समाज में एकता कायम करने की सीख देती है। इमामों ने लोगों से समाज में शांति बनाए रखने और जरूरतमंदों की मदद करने की अपील भी की।

सिमराही ईदगाह में नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। विभिन्न समुदायों के लोगों ने भी ईदगाह पहुंचकर आपसी सौहार्द का परिचय दिया और त्योहार की बधाइयां दीं। इस दौरान मिठाइयों का वितरण किया गया और बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। नए कपड़े पहनकर पहुंचे बच्चों के चेहरों पर ईदी मिलने की खुशी साफ झलक रही थी।

त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे नमाजियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। ईदगाह परिसरों में अनुशासन और शांति का माहौल बना रहा।

पूरे प्रखंड में ईद का पर्व आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और सौहार्द का संदेश देता नजर आया। लोगों ने हर्षोल्लास के साथ त्योहार मनाते हुए क्षेत्र में एकता और सद्भाव की मिसाल पेश की।

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