Report: A.K Chaudhary
सुपौल जिले के नगर पंचायत सिमराही में करीब दस महीने के लंबे अंतराल के बाद गुरुवार को आम बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। लंबे समय बाद हुई इस बैठक को लेकर जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के बीच खासा उत्साह देखा गया। हालांकि बैठक की शुरुआत से ही राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल बनी रही, क्योंकि निर्धारित समय तक मुख्य पार्षद यशोदा देवी के नहीं पहुंचने और उनके साथ छह वार्ड पार्षदों की अनुपस्थिति ने बैठक को चर्चा का विषय बना दिया। विभागीय नियमों के तहत उप मुख्य पार्षद विनीता देवी की अध्यक्षता में बैठक की कार्यवाही शुरू की गई और सभी एजेंडों पर विस्तार से चर्चा करते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में नगर पंचायत के वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 91 करोड़ 65 लाख 26 हजार रुपये के प्रस्तावित बजट को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई। यह बजट नगर क्षेत्र के बुनियादी ढांचे, आवास, स्वच्छता और सड़क जैसी आवश्यक सुविधाओं के विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना समेत आवासीय योजनाओं के लिए 31 करोड़ रुपये, सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों के लिए 10 करोड़ रुपये, जबकि नाला निर्माण और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 6 करोड़ 90 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

बैठक के दौरान कुल 16 प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें नगर क्षेत्र के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल थे। चर्चा के बाद 127 नई विकास योजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई। साथ ही पूर्व में चयनित लेकिन तकनीकी प्रक्रिया लंबित रहने के कारण अटकी 30 योजनाओं को प्राक्कलन तैयार होने के बाद प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई, जिससे अब इन योजनाओं पर कार्य शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
नगर क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 1260 एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने की महत्वाकांक्षी योजना को भी बोर्ड ने हरी झंडी दे दी। हालांकि जिन वार्डों की ओर से अब तक प्रस्ताव उपलब्ध नहीं कराया गया है, उन्हें फिलहाल इस योजना से बाहर रखा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद उन वार्डों को भी योजना में शामिल किया जा सकता है।
बैठक के दौरान वार्ड पार्षदों ने नगर क्षेत्र की कई जमीनी समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाया। वार्ड पार्षद स्मृति कुमारी ने नगर पंचायत द्वारा पूर्व में लगाए गए कूड़ेदानों की स्थिति और उनके रखरखाव का मुद्दा उठाते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग की। इसके अलावा एनएच-27 और एनएच-106 त्रिकोण से हॉस्पिटल रोड तक रोज लगने वाले भीषण जाम की समस्या भी बैठक में प्रमुखता से उठी। पार्षदों ने कहा कि सड़क किनारे संचालित अवैध बस पड़ाव और अनियोजित वाहन संचालन के कारण लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इस पर बोर्ड के सदस्यों ने अवैध बस पड़ाव हटाने और नगर क्षेत्र में वैकल्पिक बस स्टैंड के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही नगर क्षेत्र में संचालित अवैध बूचड़खानों पर भी चिंता जताई गई। पार्षदों ने इन्हें तत्काल बंद कराने तथा स्वच्छता और सरकारी मानकों के अनुरूप वैध बूचड़खाने स्थापित करने की मांग रखी।
आगामी मानसून को देखते हुए जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए भी बैठक में अहम निर्णय लिए गए। विभिन्न वार्डों की सड़कों और गलियों में राबिश और ईंट के टुकड़े गिराने, जल निकासी बाधित क्षेत्रों की सफाई कराने तथा जरूरत पड़ने पर जेसीबी और ट्रैक्टर के माध्यम से त्वरित कार्य कराने के लिए प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। अधिकारियों ने बताया कि बरसात शुरू होने से पहले इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा।
बैठक समाप्त होने के बाद कई वार्ड पार्षदों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि लंबे समय तक बोर्ड बैठक नहीं होने के कारण नगर क्षेत्र के कई विकास कार्य प्रभावित रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार मांग और दबाव के बाद आखिरकार यह बैठक आयोजित की जा सकी। पार्षदों ने उम्मीद जताई कि अब स्वीकृत योजनाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में तेजी दिखाई जाएगी।
वहीं कार्यपालक पदाधिकारी वीणा वैशाली ने बताया कि बैठक शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बोर्ड द्वारा चयनित योजनाओं की प्रशासनिक प्रक्रिया जल्द पूरी कर विकास कार्यों को धरातल पर उतारने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत का लक्ष्य आम लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है और स्वीकृत योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी नहीं होने दी जाएगी।







