सुपौल: निर्मली में अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय का शुभारंभ, न्याय व्यवस्था को मिली नई मजबूती

सुपौल जिले के निर्मली अनुमंडल में लंबे इंतजार के बाद अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय का उद्घाटन पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू ने किया। न्यायालय शुरू होने से अब स्थानीय लोगों को दीवानी मामलों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।

Report: A.K Chaudhary

सुपौल जिले के निर्मली अनुमंडल के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण बन गया, जब लंबे समय से प्रतीक्षित अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस न्यायालय के शुरू होने के साथ ही क्षेत्र के हजारों लोगों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हो गई। अब स्थानीय लोगों को छोटे-बड़े दीवानी मामलों के लिए दूर-दराज स्थित सुपौल या वीरपुर का रुख नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय, पैसे और मेहनत—तीनों की बचत होगी।

नवस्थापित न्यायालय का उद्घाटन पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू ने फीता काटकर और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया। इस अवसर पर न्यायमूर्ति पूर्णेंदु सिंह भी विशेष रूप से मौजूद रहे। समारोह में प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और विशेष बना दिया।

कार्यक्रम में डीएम सावन कुमार, एसपी शरथ आरएस, राज्य सरकार के लॉ एंड ऑर्डर सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य अतिथियों के निर्मली पहुंचने पर उन्हें पुलिस जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जो पूरे समारोह का प्रमुख आकर्षण बना। इसके बाद मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के अनुरूप दोनों न्यायाधीशों का पाग, माला और अंगवस्त्र देकर भव्य स्वागत किया गया।

इस दौरान न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। पूरे निर्मली शहर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी और विशेष सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। न्यायालय परिसर से लेकर प्रमुख चौक-चौराहों तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।

नवस्थापित इस न्यायालय में फिलहाल एक मुंसिफ और एक सब-जज की नियुक्ति की गई है। प्रारंभिक तौर पर यहां मुख्य रूप से भूमि विवाद, संपत्ति विवाद और अन्य दीवानी मामलों की सुनवाई की जाएगी। इससे खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, क्योंकि अब उन्हें न्याय पाने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

कार्यक्रम के दौरान न्यायिक अधिकारियों द्वारा यह भी संकेत दिया गया कि आने वाले समय में निर्मली में आपराधिक (क्रिमिनल) न्यायालय की भी शुरुआत की जाएगी, जिससे अनुमंडल स्तर पर न्यायिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय के उद्घाटन से पूरे क्षेत्र में उत्साह और खुशी का माहौल देखा गया। स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं ने इसे निर्मली के विकास और न्यायिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]