Report: A.K Chaudhary
सुपौल जिले के राघोपुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सिमराही स्थित यदुनाथ मध्य विद्यालय में बुधवार को शिक्षा व्यवस्था और मिड-डे मील संचालन को लेकर गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया। विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति दर्ज करने और निर्धारित समय पर मिड-डे मील उपलब्ध कराने में कथित लापरवाही ने विद्यालय प्रबंधन की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे तक विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों को मिड-डे मील उपलब्ध नहीं कराया गया था। मामले की सूचना मिलने पर जब पत्रकारों की टीम विद्यालय पहुंची और स्थिति का जायजा लिया, तो वहां कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं।
पत्रकारों द्वारा कक्षा 1 और 2 में पढ़ रहे बच्चों तथा संबंधित शिक्षिका से बातचीत करने पर पता चला कि उस समय तक बच्चों की उपस्थिति भी दर्ज नहीं की गई थी। बच्चों ने बताया कि उन्हें अभी तक भोजन नहीं मिला है और उनकी हाजिरी भी नहीं बनाई गई है। विद्यालय में मौजूद बच्चों की संख्या भी काफी कम नजर आई। कक्षा 1 में 8 बच्चे, जबकि कक्षा 6 में मात्र 5 बच्चे पढ़ते दिखाई दिए।

गौरतलब है कि सरकारी निर्देशों के अनुसार विद्यालय में सुबह 7 बजे से 7:30 बजे के बीच छात्रों की उपस्थिति दर्ज कर ली जानी चाहिए, जबकि निर्धारित समय के अनुसार करीब 9:40 बजे तक बच्चों को मिड-डे मील उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य है। लेकिन यदुनाथ मध्य विद्यालय में इन नियमों की खुलेआम अनदेखी होती दिखाई दी।
इसी बीच पत्रकारों के विद्यालय पहुंचने की सूचना मिलते ही प्रधानाध्यापक उमेश मंडल मौके पर पहुंचे। पूछताछ के दौरान उन्होंने पहले तो कुछ बोलने से परहेज किया लेकिन पूछताछ पर सफाई देते हुए कहा कि आज बच्चों की संख्या कम है और रसोइया अभी-अभी विद्यालय पहुंची है, जिसके कारण भोजन वितरण में देरी हुई है।
हालांकि जब प्रधानाध्यापक से उपस्थिति रजिस्टर के संबंध में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि अभी बच्चों की हाजिरी बनाई जा रही है। इसके बाद स्थिति और संदिग्ध तब हो गई जब प्रधानाध्यापक ने स्वयं शिक्षिका को रजिस्टर सौंपकर साढ़े 10 बजे के बाद कक्षा 1 और 2 के बच्चों की उपस्थिति दर्ज करवानी शुरू कर दी।
इस दौरान पत्रकारों को कक्षा के भीतर फोटो और वीडियो बनाने से रोकने की भी कोशिश की गई तथा बाहर जाने के लिए कहा गया। इस व्यवहार ने विद्यालय में नियमित रूप से समय पर उपस्थिति दर्ज नहीं किए जाने और नियमों की अनदेखी किए जाने की आशंका को और मजबूत कर दिया।
विद्यालय में बच्चों को समय पर भोजन नहीं मिलने की जानकारी सामने आने के बाद अभिभावकों में भी नाराजगी देखी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विद्यालयों में बच्चों के भोजन और पढ़ाई को लेकर इस तरह की लापरवाही बरती जाएगी, तो सरकारी योजनाओं का उद्देश्य कैसे पूरा होगा।
मामले को लेकर जब राघोपुर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सुनील कुमार देव से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।







