Report: A.K Chaudhary
सुपौल समाहरणालय में शुक्रवार को जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में नामांकन की अद्यतन स्थिति, पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप, शिक्षक प्रशिक्षण, आरटीई के तहत नामांकन, साप्ताहिक मूल्यांकन, मध्याह्न भोजन योजना तथा असैनिक निर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिले के सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्राओं का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए संबंधित पोषक क्षेत्रों में टोला सेवकों एवं तालीमी मरकज के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार चलाकर अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को नामांकित किया जाए।
समीक्षा के क्रम में ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर भी गंभीर मामला सामने आया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि वैसे शिक्षकों को चिन्हित किया जाए जो अपने विद्यालय क्षेत्र के बजाय दूसरे जिले अथवा अन्य स्थानों से ई-शिक्षाकोष पर उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। ऐसे शिक्षकों के विरुद्ध विभागीय नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत निजी विद्यालयों में आवंटित बच्चों के समय पर नामांकन नहीं होने के मामले को भी जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जो विद्यालय निर्धारित समय पर बच्चों का नामांकन नहीं लेंगे, उन्हें चिन्हित करते हुए उनकी मान्यता अथवा प्रस्वीकृति रद्द करने की कार्रवाई की जाए।
विद्यालय निरीक्षण के दौरान मध्याह्न भोजन योजना की गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश जारी किए। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मध्याह्न भोजन योजना को निर्देशित किया गया कि सभी विद्यालयों में बच्चों को समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा कोई भी छात्र या छात्रा इस योजना से वंचित न रहे। इसके अनुपालन की विस्तृत प्रतिवेदन जिला शिक्षा पदाधिकारी, सुपौल को उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान वीरपुर प्रखंड के बसंतपुर स्थित ललित नारायण मिश्रा स्मारक डिग्री कॉलेज में प्रशासनिक भवन निर्माण कार्य पर भी चर्चा हुई। यह निर्माण कार्य BSEIDC सुपौल के माध्यम से कराया जा रहा है। कॉलेज परिसर में पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण नवनिर्माणाधीन भवन के सेप्टिक टैंक निर्माण में आ रही भूमि की समस्या को देखते हुए कॉलेज से सटे प्लस-टू विद्यालय वीरपुर की भूमि का आवश्यकतानुसार उपयोग करने हेतु जिला शिक्षा पदाधिकारी, सुपौल को कार्यपालक अभियंता को भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी योजनाओं का लाभ समय पर छात्रों तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।







