Report: A.K Chaudhary
सुपौल जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र के सिमराही नगर पंचायत स्थित वार्ड संख्या-1 में रविवार देर रात हुए भीषण अग्निकांड ने चार परिवारों को बेघर कर दिया। आग की इस भयावह घटना में पांच घर पूरी तरह जलकर राख हो गए, जबकि लाखों रुपये मूल्य की संपत्ति, नकदी, अनाज, वाहन, घरेलू सामान और महत्वपूर्ण दस्तावेज नष्ट हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रविवार देर रात करीब एक बजे अचानक वार्ड संख्या-1 में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में आसपास के कई घर इसकी चपेट में आ गए। रात के सन्नाटे में आग की लपटें और धुआं देखकर इलाके में अफरातफरी मच गई। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और आग बुझाने की कोशिश में जुट गए।
लाखों की संपत्ति जलकर हुई राख
अग्निकांड में सबसे अधिक नुकसान झेलने वाले गृहस्वामी संजय शर्मा ने बताया कि उनके दो घर पूरी तरह जल गए। इसके साथ ही उनका ट्रेलर, साइकिल, लगभग 25 क्विंटल अनाज तथा करीब 25 हजार रुपये नकद आग में स्वाहा हो गए। उन्होंने कहा कि वर्षों की मेहनत से जुटाई गई संपत्ति कुछ ही घंटों में राख में बदल गई।
वहीं पीड़िता बिमला देवी ने बताया कि उन्होंने नया घर बनाने के उद्देश्य से अपनी जमीन बेचकर तीन लाख रुपये घर में सुरक्षित रखे थे, लेकिन आग में पूरी नकदी जल गई। इसके अलावा उनकी होलर चक्की, गैस सिलेंडर, अनाज, कपड़े, फर्नीचर, चौकी, बर्तन और अन्य घरेलू सामान भी नष्ट हो गए।

विशो शर्मा ने बताया कि आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि देखते ही देखते उनके घर का बड़ा हिस्सा जलकर नष्ट हो गया। आग की तीव्रता के कारण सामान बचाने का मौका तक नहीं मिला।
इसी तरह अशोक शर्मा के दोनों घर भी आग की चपेट में आ गए। उन्होंने बताया कि उनके घरों में रखा अनाज, कपड़े, चौकी, बर्तन, महत्वपूर्ण कागजात और लगभग 40 हजार रुपये नकद जलकर खाक हो गए।
बिजली पोल से आग लगने की आशंका
पीड़ित परिवारों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार आग की शुरुआत संभवतः बिजली पोल से हुई। बताया जाता है कि रात करीब एक बजे लोगों को अचानक गर्माहट महसूस हुई, जिसके बाद वे जागे और बाहर निकलकर देखा तो आग फैल चुकी थी। ग्रामीणों ने तत्काल चापाकल के पानी से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन आग लगातार बढ़ती गई।
स्थिति उस समय और भयावह हो गई जब एक घर में रखा गैस सिलेंडर तेज गर्मी के कारण फट गया। सिलेंडर विस्फोट के बाद आग ने और भी विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। विस्फोट की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और आग पर काबू पाने का प्रयास करने लगे।
दमकल के पहुंचने में हुई देरी
ग्रामीणों ने बताया कि घटना की सूचना रात करीब दो बजे आपातकालीन सेवा 112 पर दी गई थी। इसके बावजूद दमकल की टीम सुबह करीब पांच बजे घटनास्थल पर पहुंची। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि दमकल समय पर पहुंच जाती तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था।
जब तक अग्निशमन दल मौके पर पहुंचा, तब तक पांचों घरों में रखा लगभग पूरा सामान जलकर राख हो चुका था। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया।
प्रशासन से मुआवजे की मांग
घटना के बाद पीड़ित परिवारों के सामने रहने और खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है। आग में घर, अनाज, नकदी और जरूरी सामान नष्ट होने से परिवारों की आर्थिक स्थिति गंभीर हो गई है। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराने तथा उचित मुआवजा देने की मांग की है।







