Report: A.K. Chaudhary
भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तस्करी और सीमा पार आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ सशस्त्र सीमा बल (SSB) लगातार अभियान चला रहा है। इसी क्रम में सुपौल जिले के 45वीं वाहिनी, SSB वीरपुर में शुक्रवार को जब्ती एवं सीमा सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर मीडिया संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रक मुख्यालय पूर्णिया के उप महानिरीक्षक मधुकर अमिताभ ने की। इस दौरान वाहिनी की ओर से सीमा सुरक्षा, तस्करी विरोधी अभियान और आसूचना आधारित कार्रवाई में हासिल उपलब्धियों की जानकारी दी गई।
SSB के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक करीब 3,216 किलोग्राम गांजा, लगभग 1,900 नशीली टैबलेट तथा जनवरी से अब तक करीब 5,240 लीटर नेपाल निर्मित/अवैध शराब जब्त की गई है। शराब तस्करी से जुड़े मामलों में 44 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
अवैध हथियार और जाली नोट के खिलाफ भी कार्रवाई
वर्ष 2026 में 45वीं वाहिनी ने एक देशी कट्टा बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। वहीं वर्ष 2025 में 99 नग 8 एमएम कारतूस और एक देशी कट्टा बरामद कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था। 31 मई 2025 को 61,500 रुपये की जाली भारतीय मुद्रा बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 29 जनवरी 2026 को नेपाल से भारत में प्रवेश करने के दौरान एक बांग्लादेशी नागरिक को भी गिरफ्तार किया गया। वाहिनी द्वारा वर्ष 2026 में हिरण के तीन सींग बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। एक प्राचीन मूर्ति की बरामदगी के मामले में एक नेपाली नागरिक को भी गिरफ्तार किया गया।
मानव तस्करी के खिलाफ अभियान में 35 नाबालिगों का रेस्क्यू
मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों के तहत वर्ष 2026 में अब तक 35 नाबालिगों का रेस्क्यू किया गया है तथा आठ तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। वर्ष 2024 से अब तक मानव तस्करी के मामलों में कुल 110 लोगों का रेस्क्यू और 85 गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं।
शराब तस्करी में वायरलेस सेट मिलने के बाद बढ़ी जांच
20 जुलाई 2026 को प्राप्त विशेष आसूचना के आधार पर सीमा क्षेत्र के संवेदनशील स्थानों पर मोबाइल चेक पोस्ट स्थापित कर नाका और QRT को सतर्क किया गया था। सूचना थी कि नेपाल निर्मित अवैध शराब को कोसी नदी के रास्ते भारत लाकर चार पहिया वाहन से आगे भेजा जा सकता है। SSB और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक Mahindra Scorpio को रोककर तलाशी ली गई। वाहन में सवार लोगों ने भागने का प्रयास किया, जिन्हें पकड़ लिया गया। तलाशी में एक वायरलेस (Walkie-Talkie) सेट बरामद हुआ। जांच के दौरान आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर 509 बोतल यानी 152.7 लीटर नेपाल निर्मित अवैध शराब बरामद की गई। Scorpio, दो मोबाइल फोन और क्षतिग्रस्त वायरलेस सेट को जब्त कर आरोपियों समेत थाना भीमनगर को सौंप दिया गया।
वायरलेस सेट की बरामदगी को गंभीरता से लेते हुए SSB ने तकनीकी एवं आसूचना आधारित जांच शुरू की। अधिकारियों के अनुसार सामान्य तौर पर तस्करी में मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि वायरलेस संचार प्रणाली का इस्तेमाल अधिक संगठित और योजनाबद्ध गतिविधियों की ओर संकेत कर सकता है।
Scorpio से 100 Baofeng वॉकी-टॉकी बरामद
इसी जांच के क्रम में 4 अगस्त 2026 को 45वीं वाहिनी ने ग्राम राजपुरा, नेओर-डगमारा रोड, सीमा स्तंभ संख्या 228 के समीप एक Scorpio वाहन की तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन से 100 Baofeng Wireless Communication Devices (Walkie-Talkie) बरामद किए गए। वाहन से वायरलेस उपकरणों के अलावा मोबाइल फोन, नेपाल का नागरिकता परिचय-पत्र, Seller Invoice, Delivery Slip सहित अन्य दस्तावेज भी मिले। SSB और SIB की संयुक्त टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आरोपी से पूछताछ की।
पूछताछ में पता चला कि बरामद पार्सल महादेवमठ स्थित एक डिलीवरी कूरियर कार्यालय से लिया गया था और इसे नेपाल के राजबिराज में एक व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था। जांच के दौरान कुनौली बाजार स्थित महावीर इलेक्ट्रॉनिक्स की संभावित संलिप्तता से संबंधित जानकारी भी सामने आई।
वायरलेस सेट का तकनीकी परीक्षण, जांच में कई एजेंसियां शामिल
SSB के मुताबिक आरोपी वायरलेस उपकरणों के संबंध में Wireless Planning & Coordination (WPC) Wing की कोई वैध अनुमति या लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद सभी उपकरणों और अन्य सामग्री को जब्त कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। 45वीं वाहिनी की संचार शाखा और बाद में गठित Communication Investigation Team ने उपकरणों का तकनीकी परीक्षण किया। जांच में सभी 100 वायरलेस सेट नए, चीन निर्मित और पूर्व-प्रोग्राम्ड पाए गए। ये उपकरण आपस में संचार करने में सक्षम थे। परीक्षण के अनुसार 5 Watt रेडियो सेट की प्रभावी संचार दूरी करीब 4.5 किलोमीटर, जबकि 8 Watt रेडियो सेट की दूरी करीब 7 किलोमीटर पाई गई। हालांकि, इन उपकरणों का 45वीं वाहिनी के मौजूदा VHF संचार नेटवर्क से कोई संपर्क स्थापित नहीं हुआ।
मामले की विस्तृत तकनीकी जांच के लिए उपकरणों को सक्षम तकनीकी संस्था को भेजने की अनुशंसा की गई है। वहीं महावीर इलेक्ट्रॉनिक्स, कुनौली बाजार में भी संयुक्त कार्रवाई करते हुए पूछताछ की गई है। NIA, बिहार पुलिस, SIB, SSB और नेपाल APF समेत संबंधित एजेंसियां मामले की तकनीकी, डिजिटल और आसूचना आधारित जांच कर रही हैं।
जांच में प्रथम दृष्टया संकेत मिले हैं कि बरामद वायरलेस उपकरण नेपाल के राजबिराज निवासी एक व्यक्ति तक पहुंचाए जाने थे। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
ड्रोन और नाव से सीमा की निगरानी
45वीं वाहिनी द्वारा भारत-नेपाल सीमा पर निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। सीमा जांच चौकियों पर आवागमन की निगरानी और सत्यापन के लिए Border Entry Management System (BEMS) का उपयोग किया जा रहा है। नदी क्षेत्र में नाव से निगरानी के साथ ड्रोन सर्विलांस भी किया जा रहा है। इसके अलावा दिन-रात नियमित गश्त के साथ बिहार पुलिस के सहयोग से संयुक्त रात्रि गश्त भी संचालित की जा रही है।
सीमावर्ती लोगों के लिए चलाए जा रहे जनकल्याण कार्यक्रम
SSB की ओर से सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ जनकल्याण और जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। Veterinary Civic Action के तहत ग्रामीणों के पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण, दवाओं का वितरण और पशुपालन संबंधी सलाह दी जा रही है। वहीं Medical Civic Action के तहत विद्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता सामग्री का वितरण किया जा रहा है। इसके अलावा Border Unity Run, Cycle Rally, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, खेलकूद प्रतियोगिताएं और युवा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर सुरक्षा बलों एवं सीमावर्ती नागरिकों के बीच समन्वय और विश्वास मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
11 अगस्त को हर घर तिरंगा अभियान के तहत सीमावर्ती गांवों में भी जागरूकता कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इसमें ग्रामीणों, विद्यार्थियों और जनप्रतिनिधियों को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता-अखंडता के प्रति जागरूक किया जाएगा।
कार्यक्रम में 45वीं वाहिनी के कमांडेंट गौरव सिंह, द्वितीय कमान अधिकारी जगदीश कुमार शर्मा, उप कमांडेंट प्रवीण कुमार कौशिक, उप कमांडेंट सुमन सौरभ समेत वाहिनी के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।







