कोसी पुनर्वासित परिवारों का धरना, होल्डिंग टैक्स से मुक्ति और जमीन का मालिकाना हक देने की मांग

सुपौल में कोसी पुनर्वासित सैकड़ों परिवारों ने होल्डिंग टैक्स से मुक्ति, पुनर्वास की जमीन का मालिकाना हक और आवास योजना का लाभ देने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।

Report: A.K. Chaudhary

सुपौल नगर परिषद क्षेत्र में कोसी से पुनर्वासित सैकड़ों परिवारों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित डिग्री कॉलेज के समीप धरना-प्रदर्शन कर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने पुनर्वास की जमीन का मालिकाना हक देने, होल्डिंग टैक्स से मुक्त करने, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की।

धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व समाजसेवी लव यादव ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुनर्वासित परिवारों के लोगों ने सरकार पर उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।

धरना को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कोसी की विनाशकारी बाढ़ के कारण दशकों पहले हजारों परिवारों को अपनी पुश्तैनी जमीन और घर छोड़कर पुनर्वासित किया गया था। लेकिन करीब छह दशक बीत जाने के बावजूद पुनर्वास में आवंटित जमीन का मालिकाना हक अब तक नहीं दिया गया है। इसके कारण सैकड़ों परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना समेत अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार जमीन का स्वामित्व नहीं दे रही है, वहीं दूसरी ओर वर्ष 2013 से नगर परिषद द्वारा होल्डिंग टैक्स जमा करने का नोटिस जारी किया जा रहा है। इसे लेकर पुनर्वासित परिवारों में भारी आक्रोश है। लोगों ने कहा कि जब तक जमीन का कानूनी मालिकाना हक नहीं मिलता, तब तक उनसे होल्डिंग टैक्स की वसूली उचित नहीं है।

धरना में शामिल लोगों ने कहा कि पुनर्वासित परिवार आज भी सड़क, नाली, आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं जैसी कई समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं कर रही है। उन्होंने मांग की कि पहले पुनर्वास की जमीन का मालिकाना हक दिया जाए, उसके बाद आवास योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे इससे भी बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

धरना में पुनर्वासित परिवारों के सैकड़ों लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में प्रदर्शनकारियों ने बताया कि अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन महामहिम राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी, सुपौल को सौंपा जाएगा।

Leave a Comment

[democracy id="1"]