सावन की पहली सोमवारी पर बाबा भीमशंकर मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, प्रशासन और मंदिर न्यास समिति की उत्कृष्ट व्यवस्था की श्रद्धालुओं ने की सराहना

सुपौल जिले के राघोपुर प्रखंड स्थित बाबा भीमशंकर मंदिर, धरहारा में सावन की पहली सोमवारी पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रशासन और मंदिर न्यास समिति की बेहतर व्यवस्था के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक जलाभिषेक किया। वनवे ट्रैफिक, सुरक्षा, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी और सेवा शिविरों ने श्रद्धालुओं का मन जीत लिया।

80 हजार श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक, सुबह 2:30 बजे खुला गर्भगृह का पट, 170 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, नई सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था रही पूरी तरह सफल

Report: A.K. Chaudhary

सावन की पहली सोमवारी पर सुपौल जिले के राघोपुर प्रखंड के धरहारा स्थित प्रसिद्ध बाबा भीमशंकर महादेव मंदिर में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। अहले सुबह से ही हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए मंदिर परिसर पहुंचने लगे। प्रशासन और बाबा भीमशंकर मंदिर न्यास समिति द्वारा की गई सुनियोजित सुरक्षा एवं ट्रैफिक व्यवस्था के कारण पूरे दिन श्रद्धालुओं ने बिना किसी अव्यवस्था के शांतिपूर्ण ढंग से बाबा का जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर में उमड़ी भारी भीड़ के बावजूद कहीं भी अफरा-तफरी या जाम की स्थिति नहीं बनी, जिसकी श्रद्धालुओं ने खुले दिल से प्रशंसा की।

जलाभिषेक करते श्रद्धालु

सुबह 2:30 बजे खुला गर्भगृह का पट, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए मंदिर के गर्भगृह का पट अहले सुबह 2:30 बजे खोल दिया। पट खुलते ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरे दिन में करीब 80 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा भीमशंकर का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। भागलपुर के महादेवपुर घाट से पवित्र गंगाजल लेकर आए सैकड़ों कांवरियों ने भी बाबा का जलाभिषेक किया।

कतार में खड़े श्रद्धालु

नई व्यवस्था बनी श्रद्धालुओं के लिए राहत, नही लगी जाम

इस वर्ष प्रशासन और मंदिर न्यास समिति ने पहली बार प्रवेश एवं निकास की अलग-अलग व्यवस्था लागू की। गणपतगंज बाजार से धरहारा मोड़ होते हुए मंदिर परिसर तक वन-वे प्रवेश मार्ग बनाया गया, जबकि निकास के लिए धरहारा मोड़ से ब्राह्मण टोला होते हुए केएन डिग्री कॉलेज की ओर वन-वे मार्ग निर्धारित किया गया। मुख्य सड़क पर केवल मोटरसाइकिल और ई-रिक्शा को सीमित दूरी तक प्रवेश दिया गया तथा अन्य वाहनों को पहले ही रोक दिया गया। इससे पूरे दिन यातायात सुचारु रहा और कहीं भी जाम की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।

कतार में खड़े श्रद्धालु

महिला-पुरुष के लिए अलग कतार, हर जगह रही सुरक्षा

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महिला एवं पुरुषों की अलग-अलग कतार बनाई गई। गर्भगृह से लेकर शिवगंगा तक बैरिकेडिंग की गई थी। प्रत्येक प्रवेश द्वार और प्रमुख स्थानों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहे। मंदिर परिसर में बनाए गए कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जाती रही। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कुल 60 मजिस्ट्रेट, 60 पुलिस पदाधिकारी तथा 50 अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सभी नियुक्त दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी का ड्यूटी रविवार रात्रि 10 बजे से ही लगाया गया था। मेडिकल टीम और अग्निशमन विभाग टीम रविवार रात्रि से ही मंदिर परिसर मुस्तैद थे।

सजा मंदिर परिसर

तैयारियों का पहले ही लिया गया था जायजा

पहली सोमवारी से एक दिन पूर्व जिलाधिकारी सावन कुमार एवं पुलिस अधीक्षक शरथ आर. एस. ने मंदिर परिसर का औचक निरीक्षण कर सभी तैयारियों का जायजा लिया था। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इससे पहले एसडीएम विनय कुमार की अध्यक्षता में सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की ब्रीफिंग बैठक भी आयोजित की गई थी, जिसमें सुरक्षा, ट्रैफिक, भीड़ नियंत्रण एवं आपातकालीन व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी गई थी।

सजा मंदिर प्रवेश द्वारा

संत निरंकारी मंडल के प्याऊ शिविर में श्रद्धालुओं को मिला शुद्ध पेयजल, सेवा भाव की हुई सराहना

सावन की पहली सोमवारी पर बाबा भीमशंकर मंदिर परिसर में जहां प्रशासन और मंदिर न्यास समिति ने सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं को सुचारु रखा, वहीं संत निरंकारी मंडल की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निःशुल्क जल प्याऊ सेवा शिविर भी लगाया गया। मंदिर परिसर के सड़क मार्ग पर स्थापित इस शिविर में सुबह से शाम तक हजारों श्रद्धालुओं को शुद्ध एवं शीतल पेयजल उपलब्ध कराया गया।

संत निरंकारी मंडल द्वारा लगाया प्याऊ शिविर

एसडीएम बोले— श्रद्धालुओं की सुविधा हमारी पहली प्राथमिकता

मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष सह वीरपुर एसडीएम विनय कुमार ने कहा कि पहली सोमवारी को लेकर सभी तैयारियां पहले से पूरी कर ली गई थीं। अधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती, अलग प्रवेश-निकास मार्ग, बैरिकेडिंग और पार्किंग व्यवस्था का उद्देश्य केवल श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम दर्शन कराना था। उन्होंने कहा कि प्रशासन और मंदिर न्यास समिति आगे भी श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रहेगी तथा सभी के सहयोग से व्यवस्था सफल रही।

सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते एसडीएम व अन्य पदाधिकारी

अंचलाधिकारी ने बताया— नई ट्रैफिक व्यवस्था रही पूरी तरह सफल

मंदिर न्यास समिति की उपाध्यक्ष सह अंचलाधिकारी रश्मि प्रिया ने बताया कि इस बार लागू की गई नई ट्रैफिक एवं बैरिकेडिंग व्यवस्था का सकारात्मक परिणाम देखने को मिला। सभी निर्धारित मार्गों पर वाहन नियंत्रण, पार्किंग और वन-वे व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू की गई, जिससे मंदिर परिसर और आसपास कहीं भी जाम नहीं लगा। उन्होंने श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से पहली सोमवारी शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।

पूरे दिन अधिकारी रहे सक्रिय

पूरे आयोजन के दौरान एसडीएम सह मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष विनय कुमार, डीएसपी सुरेंद्र कुमार, साइबर डीएसपी गौरव गुप्ता, अंचलाधिकारी सह मंदिर न्यास समिति की उपाध्यक्ष रश्मि प्रिया, बीडीओ सत्येंद्र कुमार, राघोपुर अपर थानाध्यक्ष स्वीटी कुमारी, मंदिर न्यास समिति के सचिव संजीव यादव, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी सहित बड़ी संख्या में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी लगातार मंदिर परिसर और विभिन्न ड्यूटी प्वाइंट का निरीक्षण करते रहे। मंदिर न्यास समिति के सदस्यों ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगातार सक्रिय भूमिका निभाई। प्रशासन और बाबा भीमशंकर मंदिर न्यास समिति की समन्वित व्यवस्था ने पहली सोमवारी को सफल, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए यादगार बना दिया।

मंदिर परिसर में मुस्तैद एसडीएम, डीएसपी, साइबर डीएसपी

श्रद्धालुओं ने की व्यवस्था की सराहना, जताया आभार

मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने इस वर्ष की गई व्यवस्थाओं की खुलकर प्रशंसा की। श्रद्धालुओं ने कहा कि पहली बार इतनी सुव्यवस्थित सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण, बैरिकेडिंग, अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग, पार्किंग व्यवस्था तथा पुलिस-प्रशासन की सक्रिय मौजूदगी देखने को मिली। लंबी भीड़ होने के बावजूद कहीं अफरा-तफरी नहीं हुई और सभी श्रद्धालुओं को शांतिपूर्ण तरीके से बाबा भीमशंकर के दर्शन एवं जलाभिषेक का अवसर मिला।

श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और बाबा भीमशंकर मंदिर न्यास समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन की दूरदर्शी योजना, मंदिर न्यास समिति की बेहतर व्यवस्था और पुलिस बल की मुस्तैदी के कारण सावन की पहली सोमवारी पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सफल रही। यह व्यवस्था आने वाले सभी सोमवारी के लिए भी एक मिसाल साबित होगी।

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