Report: A.K. Chaudhary
सुपौल जिले के वीरपुर से विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने सोमवार को वीरपुर हवाई अड्डे का निरीक्षण किया और इसके निर्माण कार्य को लेकर बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे के निर्माण का टेंडर पूरा हो चुका है तथा अगले दो वर्षों के भीतर इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने वाहन से हवाई अड्डे के पूर्वी छोर तक पहुंचकर पूरे परिसर का जायजा लिया।

मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वीरपुर हवाई अड्डा बनने से कोसी क्षेत्र के लोगों को हवाई यात्रा की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, परियोजना के पहले चरण में हवाई अड्डे के विस्तार के लिए 88.83 एकड़ भूमि अधिग्रहण पर 42 करोड़ 37 लाख 79 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके बाद वर्तमान 1,200 मीटर लंबे रनवे का विस्तार कर इसे तीन किलोमीटर तक विकसित किया जाएगा, जिससे व्यावसायिक विमानों का संचालन संभव हो सकेगा।
राज्य सरकार ने 21 जुलाई को रनवे, टैक्सीवे, एप्रन, पेरिमीटर रोड, ग्राउंड सर्विस एरिया एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए 28 करोड़ 42 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है। वहीं, 10 मार्च 2026 को 36 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत से प्री-फैब्रिकेटेड टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर, फायर स्टेशन तथा अन्य आवश्यक भवनों के निर्माण का टेंडर भी जारी किया गया था।
करीब 64 करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से विकसित होने वाला वीरपुर हवाई अड्डा कोड-2बी श्रेणी के विमानों के संचालन के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इसके निर्माण से सुपौल, अररिया, मधेपुरा सहित सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। भारत-नेपाल सीमा के निकट स्थित होने के कारण यह हवाई अड्डा प्रशासनिक एवं सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।







