
News Desk Lakhisarai:
सावन के तीसरे सोमवार को लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में जलाभिषेक के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच अचानक भगदड़ मच गई। हादसे में सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को तत्काल लखीसराय सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर परिसर में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए कतार में खड़े थे। इसी दौरान बिजली का तार गिरने की अफवाह फैल गई, जिसके बाद भीड़ में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए भागने लगे। इसी दौरान कई श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। हादसे में कई महिलाएं भी भीड़ में दब गईं।

लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार ने बताया कि सावन के तीसरे सोमवार को देखते हुए प्रशासन की टीम तड़के करीब 3:30 बजे से ही मंदिर परिसर में मौजूद थी। व्यवस्था के बावजूद दो ट्रेनों के रुकने के कारण अचानक बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच गए। सुबह करीब 6:40 से 6:45 बजे के बीच भीड़ बढ़ने से खेत की तरफ लगी बैरिकेडिंग टूट गई, जिसके बाद भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हुई।
पुलिस के अनुसार, हादसे में मृत चार महिलाओं की पहचान 55 वर्षीय हेमलता, ललिता देवी निवासी हलसी, 50 वर्षीय रिंकू देवी निवासी मुंगेर और 44 वर्षीय मनमाला देवी निवासी बड़हिया के रूप में हुई है। अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और मेडिकल टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब 10-15 घायलों को तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। राहत और बचाव कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के त्वरित एवं समुचित इलाज के निर्देश दिए। सरकार की ओर से हादसे में मृत श्रद्धालुओं के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई है।
हादसे के बाद मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटा है।







