बिहार की सियासत के वो दिग्गज, जिनकी प्रतिमा का आज CM सम्राट चौधरी करेंगे अनावरण, जानिए कौन थे डॉ. जगन्नाथ मिश्र

Report: A.K. Chaudhary

डॉ. जगन्नाथ मिश्र : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे डॉ. जगन्नाथ मिश्र की प्रतिमा का अनावरण बुधवार को यानी आज उनके पैतृक गांव सुपौल जिले के बलुआ में होगा। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पूर्व मुख्यमंत्री डॉ जगन्नाथ मिश्र की प्रतिमा का अनावरण एवं माल्यार्पण करेंगे। इस दौरान उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मंत्री नीतीश मिश्रा समेत कई बड़े नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

डॉ. जगन्नाथ मिश्र का बिहार की राजनीति में एक लंबा और महत्वपूर्ण अध्याय रहा है। उनका जन्म वर्ष 1937 में सुपौल जिले के बलुआ में हुआ था। वे लंबे समय तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़े रहे और बिहार कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में उनकी गिनती होती थी। राजनीतिक परिवार से आने वाले डॉ. मिश्र के बड़े भाई ललित नारायण मिश्र कांग्रेस के दिग्गज नेता और केंद्र सरकार में रेल मंत्री रह चुके थे। डॉ. जगन्नाथ मिश्र ने छात्र जीवन में ही कांग्रेस से जुड़कर राजनीति की शुरुआत की और अपने बड़े भाई से राजनीति की बारीकियां सीखीं।

शिक्षा पूरी करने के बाद डॉ. मिश्र ने प्रोफेसर के रूप में अपना करियर शुरू किया। बाद में वे बिहार विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर बने। अकादमिक क्षेत्र में सक्रिय रहने के साथ-साथ उनकी राजनीतिक सक्रियता भी जारी रही। 3 जनवरी 1975 को समस्तीपुर बम विस्फोट में उनके बड़े भाई ललित नारायण मिश्र की मृत्यु के बाद डॉ. जगन्नाथ मिश्र ने राजनीतिक रूप से अपनी सक्रियता और बढ़ाई। इसके बाद वे बिहार की राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए।

भूदान आंदोलन से शुरू हुआ राजनीतिक सफर

डॉ. जगन्नाथ मिश्र की राजनीतिक यात्रा छात्र जीवन से ही शुरू हो गई थी। वर्ष 1953 में मैट्रिक परीक्षा देने के बाद सिंहभूम जिले के चाईबासा में सर्वोदय संघ के वार्षिक आयोजन में आचार्य विनोबा भावे और लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रेरणा से वे भूदान आंदोलन के सक्रिय कार्यकर्ता बने। इस दौरान उन्होंने संत विनोबा भावे के साथ पैदल पूरे बिहार का दौरा किया। भागलपुर के टीएनबी कॉलेज में सर्वोदय परिषद का गठन भी किया, जिसके वार्षिक सम्मेलन को लोकनायक जयप्रकाश नारायण संबोधित करते रहे।

विश्वविद्यालय से विधान परिषद तक

वर्ष 1966 में डॉ. मिश्र बीआर अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर के सीनेट और सिंडिकेट के सदस्य निर्वाचित हुए। इसके अलावा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कोर्ट एवं कार्यकारी निकाय में भी दो बार सदस्य चुने गए। वर्ष 1968 में पहली बार मुजफ्फरपुर, चंपारण एवं सारण स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से बिहार विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए।

लगातार पांच बार विधायक

वर्ष 1972, 1977, 1980, 1985 और 1990 में डॉ. जगन्नाथ मिश्र मधुबनी जिले के झंझारपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार बिहार विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। वर्ष 1972 से 1975 तक वे बिहार सरकार में सिंचाई एवं बिजली मंत्री के पद पर रहे।

तीन बार संभाली बिहार की सत्ता

डॉ. जगन्नाथ मिश्र तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री बने। पहली बार उन्होंने 18 अप्रैल 1975 से 30 अप्रैल 1977 तक मुख्यमंत्री का दायित्व संभाला। इसके बाद 8 जून 1980 से 13 अगस्त 1983 तक दूसरी बार और 6 दिसंबर 1989 से 10 मार्च 1990 तक तीसरी बार अविभाजित बिहार के मुख्यमंत्री रहे।

विपक्ष के नेता से केंद्र की सत्ता तक

वर्ष 1978 में डॉ. मिश्र पहली बार बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष निर्वाचित हुए। वर्ष 1988 में वे राज्यसभा के सदस्य बने। वर्ष 1990 में बिहार विधानसभा में दूसरी बार नेता प्रतिपक्ष निर्वाचित हुए। इसके बाद वर्ष 1994 में वे पुनः राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए। वर्ष 1995 से 1996 तक डॉ. जगन्नाथ मिश्र भारत सरकार में ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री रहे। इस तरह भूदान आंदोलन के कार्यकर्ता के रूप में शुरू हुआ उनका राजनीतिक सफर बिहार के मुख्यमंत्री से लेकर केंद्र सरकार में मंत्री और संसद सदस्य तक पहुंचा।

बिहार की राजनीति में डॉ. मिश्र का प्रभाव लंबे समय तक रहा। उनके बाद कांग्रेस का कोई अन्य नेता बिहार का मुख्यमंत्री नहीं बन सका। हालांकि समय के साथ कांग्रेस के कमजोर होने के बाद उन्होंने शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का दामन थामा। बाद में वे जनता दल (यूनाइटेड) से भी जुड़े, लेकिन वहां उन्हें कांग्रेस के दौर जैसा राजनीतिक प्रभाव हासिल नहीं हो सका।

राजनीतिक जीवन के अंतिम दौर में उन्होंने अपनी राजनीतिक सक्रियता बनाए रखने की कोशिश कीवर्ष 2017 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी और उन्हें ‘मधुबनी-द आर्ट कैपिटल’ पुस्तक की प्रति भेंट की थी। इस दौरान उन्होंने मिथिलांचल की सभ्यता, संस्कृति, वास्तुकला, चित्रकला और ऐतिहासिक एवं धार्मिक पर्यटन स्थलों को दुनिया के सामने लाने की आवश्यकता पर भी चर्चा की थी।

डॉ. जगन्नाथ मिश्र के बेटे नीतीश मिश्रा भी बिहार की राजनीति में सक्रिय हैं और राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं। डॉ. मिश्र ने अपने राजनीतिक जीवन के साथ-साथ शिक्षा और बिहार के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के मुद्दों पर भी अपनी पहचान बनाई।

82 वर्ष की उम्र में हुआ निधन

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र का 19 अगस्त 2019 को दिल्ली में 82 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन के बाद बिहार की राजनीति में उनके योगदान को याद किया जाता रहा है। अब उनके पैतृक गांव बलुआ में उनकी प्रतिमा स्थापित किए जाने और मुख्यमंत्री द्वारा उसके अनावरण से उनके राजनीतिक जीवन और क्षेत्र से उनके जुड़ाव को एक बार फिर याद किया जाएगा।

तीन घंटे के सुपौल दौरे पर रहेंगे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का सुपौल दौरा करीब तीन घंटे का होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री बुधवार सुबह 10:20 बजे पटना स्थित लोक सेवक आवास से सड़क मार्ग से स्टेट हैंगर के लिए रवाना होंगे। 10:30 बजे स्टेट हैंगर पहुंचने के बाद वे हेलीकॉप्टर से सुपौल के छातापुर प्रखंड स्थित बलुआ पंचायत में राजकीयकृत ललित नारायण विद्यालय मंदिर के निकट नवनिर्मित हेलीपैड के लिए रवाना होंगे।

सुबह करीब 11:20 बजे मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर बलुआ में बने हेलीपैड पर उतरेगा। यहां से वे सड़क मार्ग से बलुआ पंचायत के वार्ड नंबर-04 स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। 11:25 बजे वे पूर्व मुख्यमंत्री स्व. डॉ. जगन्नाथ मिश्र की प्रतिमा का अनावरण और माल्यार्पण करेंगे। इसके बाद 11:45 बजे मुख्यमंत्री बलुआ बाजार होते हुए बसंतपुर प्रखंड के रास्ते निर्माणाधीन कोसी-मेची अंतरराज्यीय लिंक परियोजना के स्थल निरीक्षण के लिए चैनपुर, छातापुर प्रखंड के लिए रवाना होंगे। करीब 11:55 बजे चैनपुर पहुंचकर वे परियोजना स्थल का निरीक्षण करेंगे।

इसके बाद 12:05 बजे मुख्यमंत्री चैनपुर ग्राम स्थित कैंप ऑफिस के लिए रवाना होंगे। 12:10 बजे कैंप ऑफिस में पहुंचकर वे कोसी-मेची अंतरराज्यीय लिंक परियोजना की समीक्षा करेंगे और अधिकारियों की ओर से परियोजना से संबंधित प्रस्तुतीकरण बैठक में भाग लेंगे। समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री करीब 12:25 बजे सड़क मार्ग से बलुआ पंचायत स्थित हेलीपैड के लिए रवाना होंगे। 12:35 बजे हेलीपैड पहुंचकर वे हेलीकॉप्टर से एरियल सर्वे करते हुए पटना के स्टेट हैंगर के लिए रवाना होंगे। करीब 1:25 बजे उनके स्टेट हैंगर पहुंचने का कार्यक्रम है। इसके बाद वे सड़क मार्ग से लोक सेवक आवास लौटेंगे और करीब 1:35 बजे पटना स्थित लोक सेवक आवास पहुंचेंगे।

मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर बलुआ समेत आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन की ओर से कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड और मुख्यमंत्री के निर्धारित मार्ग पर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर स्थानीय लोगों में भी उत्साह है, क्योंकि लंबे समय बाद डॉ. जगन्नाथ मिश्र के पैतृक गांव में उनके नाम और राजनीतिक विरासत से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है।

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