Report: A.K. Chaudhary
सुपौल जिले के राघोपुर प्रखंड अंतर्गत सिमराही बाजार में एनएच 27 किनारे स्थित उमेश मोटर साइकिल गैरेज में धावा दल ने छापेमारी कर एक बाल श्रमिक को मुक्त कराया। इस मामले में बाल श्रम निषेध एवं विनियमन अधिनियम के तहत नियोजक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की गई है। श्रम विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में बाल श्रम कराने वाले प्रतिष्ठान संचालकों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी देते हुए राघोपुर के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सुबेश कुमार पासवान ने बताया कि शनिवार को जिला स्तरीय धावा दल द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान श्रम विभाग के पदाधिकारी और पुलिसकर्मी शामिल थे। निरीक्षण के क्रम में सिमराही बाजार, वार्ड संख्या-05, पिपराही रोड निवासी बालक मो. अरशद को उमेश मोटर साइकिल गैरेज में काम करते हुए पाया गया।

जांच के दौरान बालक से काम कराए जाने को बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 की धारा 3/3A का उल्लंघन माना गया। इसके बाद धावा दल ने बाल श्रमिक को प्रतिष्ठान से मुक्त कराया। मुक्त कराए गए बालक को आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए बाल कल्याण समिति, सुपौल के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
इस मामले में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सुबेश कुमार पासवान ने नियोजक उमेश पोद्दार के प्रतिष्ठान उमेश मोटर साइकिल गैरेज में बालक को नियोजित किए जाने के आरोप में राघोपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराया।
श्रम विभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार, बाल श्रम निषेध एवं विनियमन अधिनियम की धारा 14(A) के तहत यह संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है। कार्रवाई के दौरान निरीक्षण टिप्पणी, बाल श्रमिक को मुक्त कराए जाने से संबंधित दस्तावेज और गवाहों की सूची भी संलग्न की गई है।
मामले में राघोपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार राय ने बताया कि श्रम प्रवर्तन विभाग के द्वारा दिये गए आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई में राघोपुर के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सुबेश कुमार पासवान के साथ प्रतापगंज, पिपरा, बसंतपुर, त्रिवेणीगंज और किशनपुर के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी तथा राघोपुर थाना के पुलिसकर्मी शामिल रहे।







