Report: A.K. Chaudhary
सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज अंचल कार्यालय में कार्यप्रणाली को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। राजस्व कार्यों में कथित लापरवाही और लंबित मामलों के निष्पादन में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर जिलाधिकारी सावन कुमार ने त्रिवेणीगंज की अंचलाधिकारी प्रियंका सिंह के खिलाफ कार्रवाई की है। डीएम ने उन्हें अंचल के सभी प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रभारों से तत्काल प्रभाव से मुक्त करते हुए जिला मुख्यालय स्थित अपर समाहर्ता (एडीएम) कार्यालय में योगदान देने का निर्देश दिया है। इस संबंध में शुक्रवार को आदेश जारी किया गया।
राजस्व कार्यों की समीक्षा में सामने आई कमियां
जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि त्रिवेणीगंज अंचल में राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान कई मामलों में अपेक्षित प्रगति नहीं पाई गई। राजस्व वसूली, दाखिल-खारिज, अतिक्रमणवाद, लोक शिकायतों के निपटारे और सहयोग पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की स्थिति संतोषजनक नहीं बताई गई। इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं राजस्व संबंधी कार्यों में भी शिथिलता सामने आने का उल्लेख किया गया है।
निर्देशों के बाद भी नहीं दिखा अपेक्षित सुधार
आदेश के मुताबिक, संबंधित अधिकारी को पहले भी विभिन्न कार्यों में तेजी लाने और लंबित मामलों का समय पर निष्पादन करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद कार्यशैली में अपेक्षित सुधार नहीं होने के कारण जिला प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
मरौना के आरओ को सौंपी गई जिम्मेदारी
प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए मरौना अंचल के राजस्व अधिकारी प्रेम शंकर को त्रिवेणीगंज अंचलाधिकारी के पदीय दायित्वों के निर्वहन के लिए अधिकृत किया गया है। अब वे त्रिवेणीगंज अंचल के सीओ की जिम्मेदारी संभालेंगे।
वित्तीय अधिकार भी किए गए प्रदान
डीएम के आदेश में प्रियंका सिंह को अंचल का संपूर्ण प्रभार प्रेम शंकर को सौंपने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही बिहार कोषागार संहिता, 2011 के नियम-84 के तहत प्रेम शंकर को निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (डीडीओ) की शक्तियां भी प्रदान की गई हैं। इससे वे अंचल के प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ वित्तीय दायित्वों का भी निर्वहन कर सकेंगे।
लंबित कार्यों को गति देने पर प्रशासन का जोर
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य त्रिवेणीगंज अंचल में राजस्व संबंधी कार्यों को गति देना और आम लोगों से जुड़ी शिकायतों एवं लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करना है। इस कार्रवाई से जिले के प्रशासनिक महकमे में भी अधिकारियों की कार्यशैली और जवाबदेही को लेकर स्पष्ट संदेश गया है।







