Report: A.K. Chaudhary
सुपौल जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र स्थित सिमराही नगर पंचायत के वार्ड संख्या-8 में शनिवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक घर के आंगन में 22 वर्षीय युवक मृत अवस्था में पाया गया। घटना की खबर मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। वहीं, जवान बेटे की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है।
मृतक की पहचान सिमराही नगर पंचायत के वार्ड संख्या-13 निवासी फुलेश्वर मरीक के 22 वर्षीय पुत्र नीरज कुमार मरीक के रूप में हुई। परिजनों का कहना है कि घर के मालिक ने नीरज को काम के सिलसिले में अपने यहां बुलाया था। इसी दौरान उसके साथ यह घटना हुई। परिजनों ने बिजली का करंट लगने से मौत होने की आशंका जताई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, शनिवार की सुबह घर के आंगन में युवक का शव पड़ा मिला। पास में एक मोटर भी रखी हुई थी। घटना के बाद गृहस्वामी के मौके पर मौजूद नहीं रहने की बात सामने आने से कई तरह के सवाल खड़े होने लगे। हालांकि, युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी वास्तविक जानकारी जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए। इस दौरान परिजनों ने मामले को लेकर नाराजगी जाहिर की। उनकी मांग थी कि युवक की मौत के कारणों की गहराई से जांच हो और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई।
सूचना पर राघोपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार राय पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने लोगों से पूछताछ कर घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई और परिजनों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। काफी देर तक समझाने के बाद स्थिति सामान्य हुई।
इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, सुपौल भेज दिया। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों का पता लगाने में मदद मिलेगी।
मामले को लेकर राघोपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार राय ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों से आवेदन मिलने के बाद उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि युवक की मौत करंट लगने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी।







