



न्यूज डेस्क सुपौल:
सुपौल जिले के वीरपुर अनुमंडल मुख्यालय में बुधवार को बिहार सरकार के मद्य निषेध एवं निबंधन मंत्री रत्नेश सदा ने बहुप्रतीक्षित अवर निबंधन कार्यालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर बिहार सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) मंत्री नीरज कुमार सिंह बबलू, जिलाधिकारी (डीएम) कौशल कुमार, पुलिस अधीक्षक (एसपी) शैशव यादव, अपर जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) राशिद कलीम अंसारी सहित अन्य गणमान्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। इस कार्यालय के उद्घाटन से वीरपुर अनुमंडल क्षेत्र के लोगों को भूमि निबंधन संबंधी कार्यों में काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री की घोषणा का हुआ क्रियान्वयन
उद्घाटन समारोह में मंत्री रत्नेश सदा ने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सुपौल दौरे के दौरान वीरपुर में अवर निबंधन कार्यालय खोलने की घोषणा की थी। सरकार की तत्परता और प्रशासन की सक्रियता के चलते यह घोषणा महज कुछ ही महीनों में साकार हो गई। 20 जनवरी 2025 को इस कार्यालय की स्थापना की घोषणा की गई थी, जिसके बाद 6 फरवरी 2025 को इसे आधिकारिक स्वीकृति प्राप्त हुई और 2 अप्रैल 2025 को इसे जनता को समर्पित कर दिया गया।
मंत्री ने कहा कि इस निबंधन कार्यालय के खुलने से न केवल वीरपुर बल्कि आसपास के क्षेत्रों के हजारों लोगों को लाभ मिलेगा। भूमि निबंधन कार्यों के लिए अब उन्हें दूर-दराज के कार्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी गति आएगी।
स्थानीय लोगों को होगा लाभ
अब तक वीरपुर अनुमंडल क्षेत्र के लोगों को भूमि निबंधन और संपत्ति के दस्तावेजों से जुड़ी प्रक्रियाओं के लिए गणपतगंज स्थित अवर निबंधन कार्यालय जाना पड़ता था, जो बसंतपुर अंचल मुख्यालय से लगभग 42 किलोमीटर की दूरी पर है। इससे लोगों को न केवल अधिक यात्रा करनी पड़ती थी बल्कि समय और आर्थिक संसाधनों की भी बर्बादी होती थी। नए अवर निबंधन कार्यालय के खुलने से वीरपुर, बसंतपुर, मरौना, राघोपुर और अन्य आसपास के इलाकों के लोगों को काफी राहत मिलेगी।

निबंधन कार्यालय से मिलने वाली सुविधाएं
अवर निबंधन कार्यालय के उद्घाटन से लोगों को निम्नलिखित सुविधाएं प्राप्त होंगी:
- समय और संसाधनों की बचत: अब लोगों को निबंधन संबंधी कार्यों के लिए दूर के कार्यालयों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे उनकी यात्रा में लगने वाला समय और धन बचेगा।
- भीड़ में कमी: नए कार्यालय के खुलने से सुपौल जिले के अन्य निबंधन कार्यालयों पर दबाव कम होगा और लोगों को त्वरित सेवाएं मिलेंगी।
- सरकारी सेवाओं की सुगमता: अब भूमि निबंधन, संपत्ति दस्तावेज सत्यापन, स्टांप शुल्क भुगतान और अन्य कानूनी कार्य स्थानीय स्तर पर ही संपन्न किए जा सकेंगे।
- डिजिटल प्रक्रिया को बढ़ावा: सरकार की ओर से भूमि निबंधन प्रक्रिया को डिजिटल बनाया जा रहा है, जिससे सभी कार्य पारदर्शी और तेज़ होंगे। इस कार्यालय में भी आधुनिक डिजिटल सुविधाओं का समावेश किया जाएगा।
- कानूनी सुरक्षा और पारदर्शिता: भूमि निबंधन में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े से बचाने के लिए सरकार की ओर से कड़े नियम लागू किए जा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को सुरक्षा मिलेगी।
बिहार सरकार जनता को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। भूमि निबंधन प्रक्रिया को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल सुविधाओं को भी शामिल किया जा रहा है। इस नए कार्यालय में भी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे निबंधन प्रक्रिया को तेज, सुरक्षित और भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जा सके।

मंत्री रत्नेश सदा ने इस अवसर पर कहा कि सरकार आगे भी इसी तरह लोगों की आवश्यकताओं को देखते हुए नई योजनाओं पर कार्य करती रहेगी। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे इस कार्यालय का पूर्ण उपयोग करें और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी नागरिक सरकारी सेवाओं से वंचित न रहे।
समारोह में उमड़ा जनसैलाब
उद्घाटन समारोह में भारी संख्या में स्थानीय लोग, प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों ने सरकार की इस पहल की सराहना की और इसे क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।