सुपौल: जदिया थाना हाजत में बंद युवक की मौत से बवाल, परिजनों ने किया सड़क जाम और आगजनी, एसपी के आश्वासन पर शांत हुआ मामला

सुपौल के जदिया थाना में पुलिस हिरासत के दौरान 24 वर्षीय युवक बिट्टू कुमार की संदिग्ध मौत के बाद जमकर बवाल हुआ। आक्रोशित परिजनों ने थाना घेराव, सड़क जाम और आगजनी कर पुलिस पर पिटाई से मौत का आरोप लगाया। एसपी शरथ आर.एस. के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है।

News Desk Supaul:

सुपौल जिले के जदिया थाना में पुलिस हिरासत के दौरान एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद बुधवार को भारी हंगामा खड़ा हो गया। हाजत में बंद युवक द्वारा कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। घटना के विरोध में थाना का घेराव किया गया, एसएच-91 को जाम कर आगजनी की गई तथा पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कई घंटों तक चले हंगामे के बाद सुपौल एसपी शरथ आर.एस. के हस्तक्षेप और ठोस आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य हो सकी।

जानकारी के अनुसार, जदिया थाना क्षेत्र के रजगांव वार्ड संख्या-2 निवासी नंदन कुमार के 24 वर्षीय पुत्र बिट्टू कुमार को मंगलवार देर रात पुलिस शराब के नशे में हंगामा करने के आरोप में थाना लेकर आई थी। बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह करीब 8 बजे वह थाना हाजत में कम्बल की पट्टी (कपड़ा) के सहारे फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की जानकारी मिलते ही थाना परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

उधर, जैसे ही मृतक के परिजनों को युवक की मौत की सूचना मिली, वे बड़ी संख्या में जदिया थाना पहुंच गए। इसी दौरान पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए वाहन से सुपौल भेजने की तैयारी कर रही थी। परिजनों ने पुलिस वाहन को रोककर शव को नीचे उतार लिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों ने थाना का घेराव कर दिया तथा थाना के सामने स्थित एसएच-91 सड़क को जाम कर आगजनी और प्रदर्शन शुरू कर दिया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए त्रिवेणीगंज एसडीपीओ, वीरपुर एसडीपीओ, एसडीएम, सीओ समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे। मृतक के परिजनों का आरोप था कि बिट्टू कुमार की मौत पुलिस की पिटाई से हुई है और पुलिस मामले को छिपाने का प्रयास कर रही थी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मौत की जानकारी उन्हें समय पर नहीं दी गई।

स्थिति लगातार तनावपूर्ण होती देख सुपौल पुलिस अधीक्षक शरथ आर.एस. स्वयं जदिया थाना पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों और ग्रामीणों से लंबी बातचीत की तथा निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। एसपी के आश्वासन के बाद दोपहर में हंगामा समाप्त हुआ और पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

मौके पर पत्रकारों से बातचीत में एसपी शरथ आर.एस. ने बताया कि प्रारंभिक जांच में युवक हाजत के अंदर फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड की निगरानी में कराया जाएगा तथा सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखा गया है। यदि जांच में किसी भी पुलिस पदाधिकारी की लापरवाही या संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने बताया कि मृतक को उसके ही परिजनों की सूचना पर डायल-112 पुलिस टीम द्वारा मंगलवार रात करीब एक बजे घर से थाना लाया गया था। परिजनों ने शिकायत की थी कि वह शराब के नशे में घर पर हंगामा कर रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार बिट्टू कुमार पूर्व में भी शराब के नशे में हंगामा करने के आरोप में दो बार गिरफ्तार हो चुका था। उसे 23 दिसंबर 2025 और 24 अप्रैल 2026 को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

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