News Desk Supaul
सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज प्रखंड के मिरजवा वार्ड-10 स्थित मध्य विद्यालय में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) खाने के बाद 100 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ने के मामले ने गुरुवार को नया मोड़ ले लिया। घटना से नाराज ग्रामीणों ने विद्यालय पहुंचकर शिक्षकों का घेराव किया और पठन-पाठन के साथ-साथ एमडीएम संचालन भी बंद करा दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक सभी जिम्मेदार शिक्षकों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सुबह करीब साढ़े नौ बजे से दोपहर तक चले विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने पर डीपीओ (एमडीएम) महेश पासवान, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अनीता कुमारी, एमडीएम डीपीएम पंकज कुमार सिंह तथा बीईओ सह बीपीआरओ मनीष कुमार पुलिस बल के साथ विद्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं और जांच के बाद उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि बुधवार को बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों को समय पर सूचना नहीं दी। उनका कहना है कि कई बच्चों को स्कूल कार्यालय में रखा गया और मुख्य गेट बंद कर दिया गया। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि एमडीएम परोसने से पहले भोजन चखने की अनिवार्य प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और शिक्षक भोजनावकाश के दौरान घर चले गए।
ग्रामीणों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी इतनी बड़ी घटना के बावजूद केवल प्रभारी प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई की गई है, जबकि विद्यालय के अन्य शिक्षकों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित शिक्षकों के स्थानांतरण या निलंबन की मांग करते हुए आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।

जांच के दौरान अधिकारियों ने विद्यालय के अभिलेखों और एमडीएम व्यवस्था की समीक्षा की। निरीक्षण में भंडारण में रखे चावल में कीड़े पाए गए। ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने चावल निकलवाकर खराब गुणवत्ता का आरोप लगाया और कहा कि ऐसे खाद्यान्न से बच्चों का स्वास्थ्य खतरे में पड़ सकता है।
डीपीओ (एमडीएम) महेश पासवान और डीपीएम पंकज कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। आवश्यक अभिलेख सही तरीके से संधारित नहीं मिले तथा भोजन परोसने से पहले उसकी गुणवत्ता जांचने की प्रक्रिया का भी पालन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
बीईओ मनीष कुमार ने बताया कि प्रभारी एचएम अशोक कुमार पासवान को निलंबित कर उनका मुख्यालय राघोपुर बीईओ कार्यालय निर्धारित किया गया है। साथ ही संबंधित रसोइया को चयनमुक्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की अन्य मांगों पर भी जांच कर रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजी जाएगी।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अनीता कुमारी ने कहा कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। उन्होंने भोजन की स्वच्छता, चखना पंजी के नियमित संधारण और गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही विद्यालय प्रबंधन में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही।
उधर, मामला शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के संज्ञान में आने के बाद विभाग ने तत्काल रिपोर्ट तलब की। मंत्री ने अधिकारियों को बीमार बच्चों का समुचित इलाज सुनिश्चित करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और राज्य के सभी विद्यालयों में एमडीएम की गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के भी निर्देश दिए हैं।
जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह ने बताया कि संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर यह पाया गया कि प्रधानाध्यापक अवकाश पर थे और विद्यालय का प्रभार विशिष्ट शिक्षक अशोक कुमार पासवान के पास था। प्रथम दृष्टया मध्याह्न भोजन संचालन में लापरवाही सामने आने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विस्तृत जांच पूरी होने के बाद अन्य जिम्मेदार लोगों पर भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।







