सुपौल: रबी महाअभियान के तहत राघोपुर में कार्यशाला आयोजित, किसानों को आधुनिक खेती और फसल प्रबंधन की दी गई जानकारी

Report: A.K. Chaudhary

रबी महाअभियान 2026 के तहत मंगलवार को सुपौल जिले के राघोपुर प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित प्रखंड कृषि कार्यालय के सभाभवन में प्रखंड स्तरीय वासंतिक (रबी) कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसके साथ ही जिला सांख्यिकी कार्यालय, सुपौल की ओर से कृषि वर्ष 2026-27 के खरीफ मौसम में कृषि सांख्यिकी से संबंधित कार्यों में लगे कर्मियों एवं पदाधिकारियों की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से दो दिवसीय प्रखंड स्तरीय आवृत्तिचर्या सह प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को रबी फसलों की बेहतर खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों, कृषि योजनाओं और फसल प्रबंधन की जानकारी देना तथा कृषि सांख्यिकी से जुड़े कर्मियों को उनके कार्यों के प्रति प्रशिक्षित करना था।

कार्यक्रम का उद्घाटन जिला सांख्यिकी पदाधिकारी आशुतोष कुमार, राघोपुर प्रखंड कृषि पदाधिकारी मयंक आर्यन, प्रतापगंज प्रखंड कृषि पदाधिकारी प्रियांशु कुमार और कृषि समन्वयक सुमन कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान कृषि विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए जागरूक किया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला सांख्यिकी पदाधिकारी आशुतोष कुमार ने कहा कि कृषि क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का आकलन करने और किसानों के हित में योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कृषि सांख्यिकी का सटीक एवं व्यवस्थित संकलन बेहद जरूरी है। कृषि से संबंधित आंकड़े केवल सरकारी रिकॉर्ड तक सीमित नहीं होते, बल्कि इन्हीं के आधार पर फसलों के उत्पादन, कृषि क्षेत्रफल, उपज की स्थिति और खेती से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का आकलन किया जाता है। इसलिए कृषि सांख्यिकी से जुड़े कर्मियों और पदाधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी, सावधानी और पारदर्शिता के साथ करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कृषि आंकड़ों के संकलन में किसी भी प्रकार की लापरवाही से वास्तविक स्थिति का सही आकलन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में संबंधित कर्मियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार क्षेत्र स्तर पर जानकारी एकत्र करनी चाहिए तथा उपलब्ध आंकड़ों का सत्यापन भी गंभीरता से करना चाहिए। दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मियों को कृषि सांख्यिकी से संबंधित प्रक्रियाओं, तकनीकी पहलुओं और कार्यप्रणाली की जानकारी देना है, ताकि कृषि वर्ष 2026-27 के दौरान निर्धारित कार्यों का निष्पादन अधिक सटीकता और दक्षता के साथ किया जा सके। उन्होंने प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को व्यवहार में उतारने और निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने पर जोर दिया।

वहीं, राघोपुर प्रखंड कृषि पदाधिकारी मयंक आर्यन ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि विभाग का प्रयास है कि किसानों को खेती से संबंधित सुविधाएं और योजनाओं की जानकारी उनके पंचायत स्तर पर ही उपलब्ध हो। इसके लिए पंचायतों में पंचायत किसान कार्यालय की व्यवस्था की जा रही है। अब पंचायत के किसानों को कृषि संबंधी छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार प्रखंड कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। किसान अपने पंचायत स्थित पंचायत किसान कार्यालय में पहुंचकर अपनी समस्याएं रख सकते हैं और कृषि विभाग से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समय पर समाधान करना और उन्हें सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ दिलाना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। किसानों को बीज, खाद, फसल की बुआई, सिंचाई, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा खेती की आधुनिक तकनीकों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है। इसके लिए कृषि विभाग के कर्मियों को पंचायत स्तर पर किसानों के संपर्क में रहकर उनकी समस्याओं को समझना होगा और नियमानुसार समाधान के लिए आवश्यक पहल करनी होगी। उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें और वैज्ञानिक तरीके से खेती अपनाकर उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने का प्रयास करें।उन्होंने ने कहा कि बेहतर उत्पादन के लिए फसल के अनुकूल भूमि का चयन, खेत की उचित तैयारी, प्रमाणित बीज का इस्तेमाल, समय पर बुआई, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और सिंचाई की सही व्यवस्था महत्वपूर्ण है। किसानों को गेहूं, मक्का, दलहन एवं तिलहन जैसी रबी फसलों की खेती में कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार तकनीकों को अपनाना चाहिए। साथ ही फसल में कीट एवं रोग के लक्षण दिखाई देने पर समय रहते कृषि कर्मियों से संपर्क करना चाहिए, ताकि फसल को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।

कार्यशाला में कृषि विभाग के कर्मियों ने भी किसानों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने, पंचायत स्तर पर कृषि सेवाओं को सुलभ बनाने और फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया। वहीं, कृषि सांख्यिकी प्रशिक्षण के माध्यम से संबंधित कर्मियों को आंकड़ों के संकलन एवं सत्यापन की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिला।

कार्यक्रम में प्रखंड कृषि समन्वयक वीरेंद्र कुमार, बिनोद कुमार, अनुप्रिया कुमारी, नवल किशोर वर्मा, रौशन कुमार, शेखर राज, लक्ष्मण प्रसाद, प्रभाकर कुमार, पिंटू कुमार सहित कृषि विभाग के अन्य कर्मी एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

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