विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में बढ़ी राजनीतिक हलचल, आज अचानक दो दिवसीय दौरे पर आ रहे गृह मंत्री अमित शाह

News Desk Patna:

बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सभी दल अपनी-अपनी तैयारियों में पूरी ताकत झोंक रहे हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का अचानक दो दिवसीय बिहार दौरा तय हुआ है, जिसने राज्य की राजनीति को और भी गर्मा दिया है।

अमित शाह आज शाम 7 बजे विशेष विमान से पटना पहुंचेंगे। यहां उनका रात्रि विश्राम होगा और अगले दिन उनका कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहने वाला है। गुरुवार को वह प्रदेश भर के नेताओं और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करेंगे और आगामी चुनाव को लेकर संगठनात्मक रणनीति पर चर्चा करेंगे।

सासाराम में होगी पहली बड़ी बैठक

गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार सुबह 10 बजे सासाराम के डेहरी स्थित ललन सिंह स्टेडियम पहुंचेंगे। यहां वे मगध एवं शाहाबाद के करीब दस जिलों के 2500 प्रमुख कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में रोहतास, कैमूर, आरा, बक्सर, पूर्वी गया, पश्चिमी गया, नवादा, जहानाबाद, अरवल और औरंगाबाद जिलों के सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे।

बेगूसराय में दूसरी बैठक

इसके बाद दोपहर 2 बजे शाह बेगूसराय पहुंचेंगे। यहां रिफाइनरी टाउनशिप खेल मैदान में आयोजित बैठक में वे पटना ग्रामीण, पटना महानगर, बाढ़, नालंदा, शेखपुरा, मुंगेर, जमुई, लखीसराय, खगड़िया और बेगूसराय जिलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा करेंगे। इन बैठकों के जरिए शाह चुनावी रणनीति का खाका तैयार करेंगे और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाएंगे।

27 सितंबर को फिर होगा बिहार दौरा

सूत्रों के मुताबिक अमित शाह का यह दौरा केवल इन जिलों तक सीमित नहीं रहेगा। वे 27 सितंबर को भी बिहार आएंगे और शेष जिलों के नेताओं-कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर चुनावी तैयारियों का जायजा लेंगे।

पीएम मोदी के दौरे के बाद शाह की एंट्री

बता दें कि अभी हाल ही में 15 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्णिया दौरे पर आए थे। उसके महज दो दिन बाद ही अमित शाह के दौरे ने प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। पार्टी का मानना है कि शाह के आगमन से कार्यकर्ताओं में जोश और उत्साह बढ़ेगा और चुनावी अभियान को नई रफ्तार मिलेगी।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बिहार चुनावी दृष्टिकोण से अमित शाह का यह दौरा बेहद अहम है। लगातार नेताओं और कार्यकर्ताओं से संवाद के जरिए भाजपा राज्य में अपनी रणनीति को मजबूत करने की कोशिश में है।

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