आज राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करेंगे सीएम नीतीश कुमार, गृह मंत्री अमित शाह भी होंगे साथ, इस्तीफे की अटकलों के बीच बिहार में BJP के पहले CM की चर्चा तेज

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। नामांकन के दौरान गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना है। इस घटनाक्रम के बीच बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव और नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

News Desk Patna:

राज्यसभा की 37 सीटों के लिए आज यानी 5 मार्च को नामांकन की अंतिम तिथि है और इसी के साथ बिहार की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम देखने को मिल रहा है। लंबे समय से प्रदेश की कमान संभाल रहे मुख्यमंत्री Nitish Kumar के केंद्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने की अटकलें तेज हो गई हैं। जानकारी के अनुसार वे सुबह करीब 11:30 बजे बिहार विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। उनके साथ जेडीयू की ओर से रामनाथ ठाकुर भी उम्मीदवार के रूप में पर्चा भर सकते हैं।

सूत्रों का कहना है कि नामांकन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah की मौजूदगी संभव है। यदि ऐसा होता है तो यह राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संकेत माना जाएगा। बताया जा रहा है कि बुधवार को पटना में जेडीयू विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की बैठक में इस विषय पर चर्चा हुई, जिसमें आगे की रणनीति तय की गई। हालांकि पार्टी की ओर से अभी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की स्थिति में बिहार में सत्ता परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है। ऐसे में पहली बार राज्य में भाजपा के मुख्यमंत्री बनने की चर्चा जोर पकड़ रही है। फिलहाल सरकार में भाजपा के दो उपमुख्यमंत्री—सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा—कार्यरत हैं। नई व्यवस्था में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पदों के संतुलन को लेकर भी मंथन चल रहा है।

मुख्यमंत्री पद की संभावित दौड़ में केंद्रीय मंत्री Nityanand Rai का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। वे वर्तमान में केंद्र में राज्य मंत्री हैं और संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। इसके अलावा सम्राट चौधरी का नाम भी चर्चा में है, जिन्हें प्रदेश भाजपा का मजबूत चेहरा माना जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी नेतृत्व किसी नए या चौंकाने वाले चेहरे को भी आगे कर सकता है, जैसा अन्य राज्यों में देखने को मिला है।

अगर यह राजनीतिक बदलाव होता है तो करीब दो दशक बाद बिहार की कमान नए नेतृत्व के हाथों में जाएगी। आने वाले दिनों में एनडीए घटक दलों की बैठकों और नेतृत्व स्तर पर होने वाली चर्चाओं के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल राज्य की राजनीति में उत्सुकता और संभावनाओं का दौर जारी है।

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