सुपौल: बिना जमीन बेचे फर्जी केवाला से म्यूटेशन की कोशिश, शिकायत के बाद अंचल में मचा हड़कंप, जांच में जुटा प्रशासन

Report: A.K. Chaudhary

सुपौल जिले में फर्जी सेल डीड (केवाला) के आधार पर जमीन का म्यूटेशन कराने की कोशिश का मामला सामने आया है। मामला बसंतपुर अंचल कार्यालय से जुड़ा है। वीरपुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या 5 निवासी विनोद जायसवाल ने आरोप लगाया है कि वीरपुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या 13 में वीरपुर हवाई अड्डे के सामने स्थित उनकी निजी जमीन का फर्जी बिक्री दस्तावेज तैयार कर म्यूटेशन के लिए आवेदन दिया गया है। शिकायत मिलने के बाद अंचल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

भूस्वामी विनोद जायसवाल के अनुसार, उन्हें इस मामले की जानकारी एक परिचित के माध्यम से मिली। परिचित ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने अपनी जमीन बेच दी है, क्योंकि किसी व्यक्ति द्वारा उनकी जमीन से संबंधित दस्तावेज जमा कर म्यूटेशन के लिए आवेदन किया गया है। यह जानकारी मिलने पर विनोद जायसवाल हैरान रह गए। इसके बाद उन्होंने बसंतपुर अंचल कार्यालय पहुंचकर मामले की जानकारी ली, जहां उन्हें पता चला कि उनकी जमीन के म्यूटेशन के लिए आवेदन दिया गया है।

विनोद जायसवाल ने अंचल कार्यालय में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी जमीन किसी को नहीं बेची है। इसके बावजूद कथित तौर पर फर्जी सेल डीड के आधार पर जमीन की बिक्री दर्शाते हुए म्यूटेशन के लिए आवेदन किया गया है।

शिकायतकर्ता ने कथित फर्जी केवाला में कई तरह की गड़बड़ियों का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दस्तावेज में दो गवाहों के नाम अलग-अलग दर्ज हैं, लेकिन दोनों के आधार कार्ड और मोबाइल नंबर एक ही बताए जा रहे हैं। इसके अलावा दस्तावेज में हस्ताक्षर और फोटो भी गलत होने का आरोप लगाया गया है। इन बिंदुओं को लेकर उन्होंने दस्तावेज की जांच कराने की मांग की है।

विनोद जायसवाल ने यह भी आरोप लगाया कि म्यूटेशन की प्रक्रिया के दौरान संबंधित कर्मचारी ने जमीन की भौतिक जांच किए बिना ही फाइल को आगे बढ़ा दिया। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया की जांच कराने और कथित फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने अंचलाधिकारी (सीओ) और भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) को शिकायत देकर मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।

मामले को लेकर बसंतपुर अंचल की राजस्व अधिकारी (आरओ) आकांक्षा कुमारी ने बताया कि शिकायत के बाद जांच शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी सह भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) मृत्युंजय कुमार ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। इसकी बारीकी से जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर समुचित कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, जमीन के कथित फर्जी दस्तावेज और म्यूटेशन आवेदन से जुड़े आरोपों की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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