सुपौल में शिक्षा विभाग का कड़ा एक्शन, नियमों के उल्लंघन पर 39 निजी स्कूलों की मान्यता रद्द

Report: A.K Chaudhary

जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए शिक्षा विभाग ने नियमों की अनदेखी करने वाले निजी विद्यालयों पर सख्त कार्रवाई की है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के मानकों का पालन नहीं करने, समय पर बच्चों का अपार (APAAR) जेनरेट नहीं करने और कमजोर वर्ग के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने से जुड़े प्रावधानों की अनदेखी करने जैसे कई मामलों में 39 निजी स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी गई है। इसके अलावा दर्जनों विद्यालय अभी भी विभाग की निगरानी में हैं, जिनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।

जिला स्तर पर गठित तीन सदस्यीय टीम ने समीक्षा के बाद यह कार्रवाई की। टीम में जिला शिक्षा पदाधिकारी, वरीय अपर समाहर्ता और प्राथमिक शिक्षा व सर्व शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी शामिल थे। जांच में सामने आया कि कई विद्यालय बुनियादी शैक्षणिक मानकों को पूरा नहीं कर पा रहे थे। कुछ संस्थानों ने बच्चों के अपार कार्ड बनाने में रुचि नहीं दिखाई, वहीं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए आरक्षित सीटों की जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई।

विभाग के अनुसार जिन विद्यालयों की मान्यता रद्द की गई है उनमें सबसे अधिक संख्या बसंतपुर प्रखंड की है, जहां सात स्कूलों पर कार्रवाई हुई। इसके अलावा छातापुर के पांच, पिपरा के तीन, त्रिवेणीगंज के चार, निर्मली के चार, राघोपुर के छह, सरायगढ़ भपटियाही के तीन, किशनपुर के तीन तथा सुपौल प्रखंड के चार विद्यालय शामिल हैं।

जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए इनटेक कैपेसिटी पोर्टल पर जानकारी अपलोड नहीं करने वाले लगभग तीन दर्जन विद्यालयों को भी नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद कुछ संस्थानों द्वारा जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। ऐसे स्कूलों को दो दिन के भीतर पोर्टल पर विवरण अपडेट करने का निर्देश दिया गया है, अन्यथा उनकी मान्यता भी रद्द की जा सकती है।

इस मामले में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्रवीण कुमार ने कहा कि कार्रवाई दो प्रमुख आधारों पर की गई है। पहला, कुछ नए स्कूलों ने पंजीकरण के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनके भवन अधूरे थे और वे निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतर रहे थे, इसलिए उन्हें मान्यता नहीं दी गई। दूसरा, जिन स्कूलों ने समय पर इनटेक कैपेसिटी अपलोड नहीं की, उन्हें भी कार्रवाई के दायरे में लिया गया है।

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