
Report: A.K. Chaudhary
सड़क किनारे होने वाले धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान उत्पन्न होने वाली जाम और सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति को देखते हुए सुपौल जिले के वीरपुर अनुमंडल प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। अनुमंडल पदाधिकारी विनय कुमार एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार की ओर से संयुक्त आदेश जारी कर सभी थानाध्यक्षों एवं अंचल अधिकारियों को कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
जारी आदेश में कहा गया है कि वीरपुर अनुमंडल क्षेत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम, कीर्तन, जागरण, जलसा, मिलाद, इज्तेमा, समागम समेत अन्य कार्यक्रम कई बार सड़क किनारे सरकारी अथवा निजी भूमि पर आयोजित किए जाते हैं। कई मामलों में आयोजकों द्वारा कार्यक्रम की जानकारी संबंधित थानाध्यक्ष या अंचल अधिकारी को नहीं दी जाती है। इससे कार्यक्रम के दौरान मुख्य सड़क पर भीड़, जाम और दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

आदेश में 25 अगस्त 2026 को सुपौल जिले के पिपरा स्थित कटैया निर्मली चौक (NH-327E) पर मंदिर के पास कीर्तन कार्यक्रम के दौरान हुई सड़क दुर्घटना का भी उल्लेख किया गया है। इसमें कार्यक्रम में शामिल लोग सड़क दुर्घटना के शिकार हुए, जिसमें कुछ लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। घटना के बाद स्थानीय लोगों के उग्र होने से गंभीर विधि-व्यवस्था की स्थिति भी उत्पन्न हुई। प्रशासन ने इसी तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए यह व्यवस्था लागू की है।
अनुमति के बाद ही होगा कार्यक्रम स्थल का निर्धारण
जानकारी देते हुए एसडीएम विनय कुमार ने कहा कि आमजन की सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। अनुमंडल क्षेत्र में होने वाले छोटे-बड़े सभी कार्यक्रमों की सूचना संबंधित थानाध्यक्ष एवं अंचल अधिकारी को देना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति किसी कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संबंधित अंचल अधिकारी एवं थानाध्यक्ष द्वारा संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण करने के बाद ही कार्यक्रम स्थल का निर्धारण किया जाएगा। पंचायत स्तरीय कर्मियों एवं चौकीदारों के माध्यम से भी कार्यक्रमों की जानकारी जुटाने और आयोजकों से समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम स्थल पर निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।
सड़क की जमीन पर आयोजन और दुकान-पार्किंग पर रोक
संयुक्त आदेश के अनुसार सड़क किनारे सरकारी भूमि अथवा सड़क की जमीन पर किसी भी प्रकार का कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। निजी भूमि पर कार्यक्रम होने की स्थिति में भी मुख्य सड़क पर मेला, दुकान या पार्किंग नहीं लगाई जा सकेगी। आयोजकों को कार्यक्रम स्थल में प्रवेश और निकास के लिए शाखा सड़क का उपयोग करने की व्यवस्था करनी होगी। संपर्क सड़क से जुड़ने वाली सड़क में उपलब्ध खाली स्थान पर पार्किंग की व्यवस्था करनी होगी, ताकि मुख्य सड़क पर वाहनों की भीड़ न लगे।
इसके अलावा कार्यक्रम स्थल की मजबूत बैरिकेडिंग कराने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि मुख्य सड़क से सीधे कार्यक्रम स्थल में लोगों का प्रवेश न हो सके। कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करना भी आयोजकों के लिए अनिवार्य किया गया है।
उल्लंघन पर होगी विधि-सम्मत कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी परिस्थिति में सड़क की भूमि पर मेला या दुकान नहीं लगाया जाएगा। यदि ऐसा करते हुए कोई पाया जाता है तो संबंधित आयोजक के विरुद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि इन निर्देशों के पालन से धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के दौरान मुख्य सड़कों पर होने वाले जाम, अव्यवस्था और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सकेगा। साथ ही कार्यक्रमों के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस एवं प्रशासन को भी बेहतर समन्वय मिलेगा।







