सीमांचल में अमित शाह का तीन दिवसीय दौरा: सीमा सुरक्षा समीक्षा के साथ बंगाल चुनाव रणनीति पर मंथन

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 से 27 फरवरी तक सीमांचल के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे सीमा सुरक्षा से जुड़ी बैठकों में भाग लेने के साथ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भी पार्टी नेताओं के साथ रणनीतिक चर्चा कर सकते हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

News Desk Purnea:

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार से सीमांचल के तीन दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। 25 से 27 फरवरी तक प्रस्तावित इस प्रवास के दौरान वे किशनगंज, अररिया और पूर्णिया जिलों में सीमा सुरक्षा, सामरिक रणनीति और संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े कई अहम कार्यक्रमों में भाग लेंगे। नेपाल और बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे इस क्षेत्र में उनका दौरा सुरक्षा और राजनीतिक—दोनों ही दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सीमा सुरक्षा पर रहेगा फोकस

दौरे की शुरुआत 25 फरवरी को किशनगंज से होगी, जहां गृह मंत्री सीमा सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। 26 फरवरी को वे पूर्णिया में रात्रि विश्राम करेंगे। सीमांचल क्षेत्र नेपाल और बांग्लादेश की सीमाओं से जुड़ा होने के कारण यहां अवैध गतिविधियों, तस्करी और सीमा पार अपराध की रोकथाम को लेकर केंद्र सरकार की विशेष नजर रहती है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में सीमा प्रबंधन को और मजबूत बनाने, खुफिया तंत्र की सक्रियता बढ़ाने तथा समन्वय तंत्र को सुदृढ़ करने पर चर्चा होगी।

पश्चिम बंगाल चुनाव पर रणनीतिक मंथन

राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि इस दौरे के दौरान पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी रणनीतिक मंथन होगा। सीमांचल से सटा पश्चिम बंगाल का बड़ा भू-भाग राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जाता है। कभी गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर चर्चा में रहे इस परिक्षेत्र पर भाजपा की विशेष नजर रही है। पहले के चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन बेहतर रहा था, हालांकि पिछले विधानसभा चुनाव में अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सका था। ऐसे में इस दौरे को संगठनात्मक मजबूती और चुनावी रणनीति तय करने के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक पश्चिम बंगाल के कई वरिष्ठ नेता सीमांचल पहुंचकर गृह मंत्री से मुलाकात कर सकते हैं। संभावना है कि इन बैठकों में बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने, सीमावर्ती इलाकों में जनसंपर्क बढ़ाने और चुनावी मुद्दों को धार देने पर चर्चा होगी।

24 विधानसभा क्षेत्रों पर विशेष नजर

गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी गृह मंत्री दो दिनों तक सीमांचल में सक्रिय रहे थे। मुस्लिम बहुल माने जाने वाले इस इलाके के 24 विधानसभा क्षेत्रों में उस चुनाव में महागठबंधन को अपेक्षित बढ़त नहीं मिल पाई थी। इसी अनुभव के आधार पर पार्टी सीमांचल को रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानती है।

पूर्णिया में विस्तृत कार्यक्रम

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गृह मंत्री 26 फरवरी की शाम 7 बजकर 20 मिनट पर अररिया से पूर्णिया पहुंचेंगे और मे फेयर होटल में रात्रि विश्राम करेंगे। 27 फरवरी को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक (एक घंटे के लंच ब्रेक के साथ) वे भारत-नेपाल सीमावर्ती जिलों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत समीक्षा बैठक करेंगे। इसके बाद शाम 4 बजकर 20 मिनट पर पूर्णिया एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।

प्रशासन अलर्ट मोड में

गृह मंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट है। मंगलवार से ही एयरपोर्ट मार्गों सहित शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, वाहन जांच अभियान और बहुस्तरीय गश्ती की व्यवस्था की गई है। संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की चूक न हो।

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