Report: A.K Chaudhary
बिहार के सुपौल जिले में स्थित प्रसिद्ध वरदराज पेरुमल देवस्थानम, विष्णु मंदिर गणपतगंज में 11वें वार्षिक ब्रम्हमोत्सव का भव्य शुभारंभ 27 फरवरी से हो गया है। यह सात दिवसीय धार्मिक आयोजन 6 मार्च तक चलेगा। पहले दिन संकल्प, वसुंधरा पूजन, अंकुरा रोपण एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अग्नि प्रज्वलन के साथ उत्सव की विधिवत शुरुआत की गई। पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।

शनिवार को ब्रम्हमोत्सव के दूसरे दिन हवन, ध्वजारोहण एवं भगवान का विशेष अभिषेक किया गया। शाम के समय भव्य रथ यात्रा निकाली गई, जिसमें भगवान वरदराज सुसज्जित रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकले। यह रथ यात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर नगर भ्रमण करते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंची। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भगवान का स्वागत किया।
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि ब्रम्हमोत्सव के दौरान प्रतिदिन सुबह और शाम रथ यात्रा निकाली जाएगी। प्रत्येक दिन भगवान अलग-अलग वाहनों पर सवार होंगे और अलग-अलग विधि से विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। प्रतिदिन हवन का आयोजन भी होगा। 6 मार्च को पुष्प अभिषेक एवं पूर्णाहुति के साथ इस वर्ष के ब्रम्हमोत्सव का समापन होगा।

इस वर्ष का आयोजन दिनेश कुमार दास सह बौआ परिवार के सौजन्य से कराया जा रहा है। ब्रम्हमोत्सव में जगत गुरु रामानुजाचार्य एवं स्वामी लक्ष्मणाचार्य का आगमन भी हुआ है, जिनके सान्निध्य में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हो रहे हैं। मंदिर का निर्माण वर्ष 2014 में सुप्रसिद्ध डॉ. पीके मल्लिक द्वारा कराया गया था।
आयोजन समिति के सदस्य अजय कुमार मल्लिक ने जानकारी देते हुए बताया कि दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य के कांचीपुरम में स्थापित भगवान वरदराज की मूर्ति के तर्ज पर गणपतगंज में यह प्रतिमा स्थापित की गई है। वर्ष 2014 में प्राण प्रतिष्ठा के बाद से प्रतिवर्ष यहां ब्रम्हमोत्सव का आयोजन होता आ रहा है, जो मंदिर का सबसे बड़ा वार्षिक उत्सव है।
डॉ. पीके मल्लिक की बहन लीला मल्लिक ने कहा कि प्रत्येक वर्ष इसी समय ब्रम्हमोत्सव का आयोजन किया जाता है और इस वर्ष 11वां ब्रम्हमोत्सव मनाया जा रहा है। वहीं दिनेश कुमार दास ने बताया कि भगवान वरदराज मनवांछित फल देने वाले हैं और श्रद्धालुओं की आस्था दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
ब्रम्हमोत्सव को लेकर स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगी रहती है और पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर है। आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से इस पावन उत्सव में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।







