बदलते मौसम का असर: राघोपुर रेफरल अस्पताल की ओपीडी में उमड़ी मरीजों की भीड़, सर्दी-खांसी और बुखार के मरीज बढ़े

सुपौल जिले में बदलते मौसम का असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिखने लगा है। राघोपुर रेफरल अस्पताल की ओपीडी में सर्दी-खांसी, बुखार और गले के संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे अस्पताल में भीड़ बढ़ गई है।

Report: A.K Chaudhary

सुपौल जिले में मौसम के अचानक बदलते मिजाज ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। सुबह और रात के समय हल्की ठंडक का अहसास हो रहा है, जबकि दिन में गर्मी लोगों को बेचैन कर रही है। मौसम के इस उतार-चढ़ाव का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। सर्दी-खांसी, बुखार, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ जैसी मौसमी बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका असर सुपौल जिले के राघोपुर स्थित रेफरल अस्पताल में भी साफ तौर पर देखा जा रहा है, जहां ओपीडी में मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

मरीज देखते डॉ

रेफरल अस्पताल राघोपुर के ओपीडी में पिछले कुछ दिनों से मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। खासकर बुजुर्ग मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय इजाफा देखा गया है। सोमवार को ओपीडी में दोपहर 2 बजे तक करीब 265 मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे। सुबह से ही अस्पताल परिसर में रजिस्ट्रेशन काउंटर और मेडिसिन विभाग के बाहर मरीजों की लंबी कतार लग गई। मरीजों को इलाज कराने के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। ओपीडी में बच्चों और युवाओं का भी तांता लगा रहा।

सिर्फ राघोपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। मेडिसिन विभाग के साथ-साथ बीपी जांच काउंटर, एक्सरे विभाग और दवा काउंटर पर भी मरीजों की लंबी लाइन देखी गई। रजिस्ट्रेशन काउंटर और बीपी जांच काउंटर पर अधिक भीड़ होने के कारण कई बार अफरा-तफरी की स्थिति भी बन गई।

अपने नम्बर का इंतिजार करते मरीज

अस्पताल प्रबंधक नोमान अहमद ने बताया कि सोमवार को प्रत्येक महीने आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान शिविर का भी आयोजन था, जिसके कारण अस्पताल में मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रही। इस शिविर में गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच और स्वास्थ्य परामर्श दिया जाता है, जिससे बड़ी संख्या में महिलाएं भी अस्पताल पहुंचीं।

शिविर में लगा भीड़

वहीं चिकित्सकों का कहना है कि इन दिनों ओपीडी में बड़ी संख्या में ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जो मौसमी बीमारियों से ग्रसित हैं। रेफरल अस्पताल राघोपुर के चिकित्सक डॉ. संजीव द्विवेदी ने बताया कि मौसम में अचानक हो रहे बदलाव के कारण शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि इस मौसम में छोटे बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। पिछले एक सप्ताह के दौरान सर्दी, खांसी, बुखार और गले में संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखी गई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बदलते मौसम में अपनी सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, संतुलित और पौष्टिक आहार लेना तथा धूल-मिट्टी और प्रदूषण से बचना जरूरी है। इसके अलावा सुबह-शाम के समय हल्की ठंडक को देखते हुए बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

अस्पताल प्रशासन ने लोगों से यह भी आग्रह किया है कि बिना डॉक्टर की सलाह के दवाओं का सेवन न करें। कई लोग हल्की बीमारी होने पर खुद ही दवा ले लेते हैं, जो कई बार गंभीर समस्या का कारण बन सकता है। चिकित्सकों ने कहा कि सर्दी-जुकाम या बुखार जैसे शुरुआती लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए, ताकि समय रहते उचित इलाज मिल सके।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम के इस संक्रमण काल में थोड़ी सी लापरवाही भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। इसलिए लोगों को अपनी दिनचर्या, खानपान और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए, ताकि मौसमी बीमारियों से बचा जा सके।

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