सुपौल में पुलिस कार्रवाई के विरोध में सफाईकर्मियों की हड़ताल, शहर की सफाई व्यवस्था ठप

सुपौल में पुलिस कार्रवाई के विरोध में नगर परिषद के सफाईकर्मी हड़ताल पर चले गए हैं। वार्ड 22 में हुए विवाद और कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

Report: A.K Chaudhary

सुपौल नगर परिषद के तमाम सफाईकर्मियों ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे शहर की साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कचरा उठाव बंद होने के कारण कई इलाकों में गंदगी का अंबार लग गया है और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 22 से हुई। यहां नाला खुदाई का कार्य चल रहा था। आरोप है कि उसी दौरान अबू बकर नामक एक युवक ने काम में लगे जेसीबी चालक के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। सफाईकर्मियों का यह भी आरोप है कि इस दौरान उनके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया।

घटना से आक्रोशित नगर परिषद कर्मी शिकायत दर्ज कराने एससी-एसटी थाना पहुंचे, लेकिन वहां पुलिस द्वारा शिकायत लेने में आनाकानी की गई। इससे नाराज कर्मियों ने विरोध स्वरूप थाना गेट के सामने कचरा फेंककर प्रदर्शन किया। इसी घटना के बाद पुलिस कार्रवाई से मामला और गरमा गया। आरोप है कि सदर पुलिस ने नगर परिषद में कार्यरत क्लर्क असजद आलम के घर छापेमारी की। असजद आलम लोकल बॉडीज संगठन के महासचिव भी बताए जा रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने घर में घुसकर मारपीट की और वहां से कुल पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही सफाईकर्मियों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए हड़ताल का ऐलान कर दिया।

सफाईकर्मियों का कहना है कि जब तक गिरफ्तार कर्मियों को रिहा नहीं किया जाएगा, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। हड़ताल का असर अब पूरे शहर में साफ दिखने लगा है। प्रमुख चौक-चौराहों और रिहायशी इलाकों में कचरा जमा होने लगा है, जिससे दुर्गंध फैल रही है और लोगों को आवागमन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

वही मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद के चेयरमैन राघवेंद्र झा मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यदि जल्द ही उचित पहल नहीं की गई तो नगर परिषद सुपौल के बैनर तले बड़ा आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर शहर में चर्चा का माहौल गर्म है और लोग प्रशासनिक पहल का इंतजार कर रहे हैं।

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