सुपौल: सिमराही में 25 लाख के मोबाइल शौचालय बने शोपीस, जंग खा रही यूनिटें और सुविधा से वंचित सिमराही के लोग

सिमराही नगर पंचायत में 25.50 लाख की लागत से खरीदे गए मोबाइल शौचालय महीनों से बेकार पड़े हैं। जंग लगती यूनिटों के बीच लोग सुविधा से वंचित हैं, वहीं स्थानीय लोग गुणवत्ता और उपयोग को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

Report: A.K Chaudhary

सुपौल जिले के सिमराही नगर पंचायत में जनसुविधा के नाम पर खरीदे गए लाखों रुपये के मोबाइल शौचालय आज भी लोगों के किसी काम नहीं आ रहे हैं। नगर पंचायत कार्यालय के बाहर रखी गई ये मॉड्यूलर मोबाइल टॉयलेट यूनिटें महीनों से बेकार पड़ी हैं और अब इन पर जंग लगने लगा है।

जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत द्वारा स्वच्छता और आमजनों की सुविधा के उद्देश्य से करीब 25.50 लाख रुपये की लागत से दो मोबाइल शौचालय यूनिटें खरीदी गई थीं। प्रत्येक यूनिट की कीमत लगभग 12.75 लाख रुपये बताई जाती है। लेकिन खरीद के बाद से ही ये यूनिटें कार्यालय परिसर से बाहर नहीं निकल पाईं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में आज भी सार्वजनिक शौचालयों की कमी बनी हुई है, खासकर बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में। ऐसे में मोबाइल शौचालय की यह योजना लोगों के लिए राहत बन सकती थी, लेकिन लापरवाही और उदासीनता के कारण यह योजना फाइलों तक ही सीमित रह गई है।

नगर पंचायत कार्यालय के बाहर खड़ी इन यूनिटों की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। धूप, बारिश और उपेक्षा के कारण इन पर जंग लगने लगा है, जिससे सरकारी पैसे की बर्बादी साफ नजर आ रही है।

इस मामले को लेकर जब लोगों से बात की गई तो उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि समय पर इनका उपयोग शुरू कर दिया जाता तो नगर में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होती और लोगों को बड़ी सुविधा मिलती। अब स्थिति यह है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद आम जनता को कोई लाभ नहीं मिल रहा है।

एक अलग पहलू के रूप में स्थानीय लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि जिस तरह सिमराही प्रवेश द्वार व अन्य स्थानों पर लगाए गए साइन बोर्ड कुछ ही महीनों में खराब हो गए, उसी तरह यदि मोबाइल शौचालयों को उपयोग में लाया गया तो उनकी गुणवत्ता भी उजागर हो सकती है; लोगों को आशंका है कि इसी वजह से अब तक इन्हें चालू नहीं किया जा रहा है।

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