Report: A.K Chaudhary
बिहार कृषि विभाग के प्रधान सचिव सह सुपौल जिला प्रभारी सचिव नर्मदेश्वर लाल की अध्यक्षता में बुधवार को सुपौल जिला में आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की उपलब्धता, प्रवासी श्रमिकों के हितों की सुरक्षा तथा अन्य संबंधित विषयों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने जानकारी दी कि जिले में वर्तमान में कुल 51 गैस एजेंसियां संचालित हैं, जिनमें 26 इंडियन ऑयल (IOCL), 9 भारत पेट्रोलियम (BPCL) एवं 16 हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) की एजेंसियां शामिल हैं। जिले में कुल 5,12,000 एलपीजी उपभोक्ता हैं। वर्तमान में IOCL के पास 3438, HPCL के पास 5225 तथा BPCL के पास 1961 घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं, जबकि IOCL के 6198, BPCL के 1995 और HPCL के 10442 बुकिंग लंबित हैं।

प्रधान सचिव ने सभी एजेंसियों को सख्त निर्देश दिया कि नियमित समीक्षा कर गैस वितरण सुनिश्चित करें, ताकि कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर रोक लगाई जा सके। जिला प्रशासन द्वारा प्रतिदिन प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से गैस उपलब्धता की जानकारी दी जा रही है तथा निगरानी के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। आमजनों की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर 06473-224005 जारी किया गया है, जिसके व्यापक प्रचार-प्रसार का निर्देश दिया गया।

बैठक में यह भी बताया गया कि जिले में अभी तक पीएनजी कनेक्शन शून्य है। इस पर प्रधान सचिव ने संबंधित एजेंसियों को शीघ्र कार्य शुरू कर आम लोगों को पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिया गया कि केवल वाहनों में ही ईंधन दिया जाए, केन या जार में नहीं, ताकि जमाखोरी रोकी जा सके। विशेष रूप से नेशनल हाईवे एवं शहरी क्षेत्रों में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मूल्य नियंत्रण के लिए प्रखंड स्तर पर दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। जिला स्तर पर मूल्य नियंत्रण कोषांग बनाकर खाद्य वस्तुओं की कीमतों की नियमित समीक्षा की जा रही है। प्रवासी श्रमिकों को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। ‘श्रमिक ऐप’ के माध्यम से 12,546 प्रवासी मजदूर चिन्हित किए गए हैं। उनके आगमन की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से दैनिक जानकारी जुटाने पर भी जोर दिया गया।
जिले में दीदी की रसोई (11), वेलफेयर हॉस्टल (2), जवाहर नवोदय विद्यालय (1), कस्तूरबा विद्यालय (13), जिला कारागार, बालगृह, बीएमपी, एसएसबी, सुधा डेयरी, मेडिकल कॉलेज एवं इंजीनियरिंग कॉलेज जैसे संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर एलपीजी गैस उपलब्ध कराई जा रही है।

उर्वरक आपूर्ति की समीक्षा में बताया गया कि खरीफ मौसम को देखते हुए जिले में यूरिया, डीएपी सहित सभी खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। सभी खाद दुकानों का PoS के माध्यम से भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है तथा अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की जा रही है। प्रधान सचिव ने सघन जांच एवं छापेमारी तेज करने तथा लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
सुपौल के अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे होने के कारण उर्वरक तस्करी रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। सभी अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों तथा थाना स्तर पर भी छापेमारी के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना पर रोक लगाई जा सके। जिला प्रशासन द्वारा फेसबुक लाइव एवं अन्य माध्यमों से लगातार जानकारी साझा की जा रही है।
बैठक में जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, संयुक्त निदेशक (शष्य), सहरसा प्रमंडल, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, आपदा प्रभारी पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, सभी प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।







