Report: A.K Chaudhary
जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर सोमवार को ‘बिहार नवनिर्माण अभियान’ के तहत सुपौल पहुंचे, जहां उन्होंने डिग्री कॉलेज चौक के पास स्थित एक बैंक्वेट हॉल में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ विस्तृत बैठक की। इस दौरान उन्होंने संगठन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए विधानसभा चुनाव में मिली हार के कारणों पर गहन चर्चा की।
बैठक में टिकट बंटवारे से लेकर चुनावी रणनीति और जमीनी स्तर की कमजोरियों पर विस्तार से मंथन किया गया. कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर आगामी चुनावों में इस हार को जीत में बदलने का संकल्प लिया। प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज लगातार संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है और आने वाले पांच वर्षों तक ‘बिहार नवनिर्माण अभियान’ को प्रभावी रूप से चलाया जाएगा।

प्रशांत किशोर ने मौजूदा राजनीतिक हालात पर टिप्पणी करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार का मुख्यमंत्री कोई भी बने, उसकी प्राथमिकता बिहार नहीं बल्कि गुजरात होगी। साथ ही उन्होंने एक करोड़ रोजगार देने के वादे को अवास्तविक बताते हुए कहा कि न तो रोजगार मिलेगा और न ही भ्रष्टाचार पर कोई ठोस नियंत्रण हो पाएगा। उन्होंने जनता को भी आत्ममंथन की सलाह देते हुए कहा कि यदि लोग जाति, धर्म और सरकारी लाभ के आधार पर वोट देंगे तो बिहार के हालात अगले चार वर्षों तक नहीं बदलेंगे।
पीके ने आरोप लगाया कि चुनाव में पैसे और तंत्र का प्रभाव रहा, जिससे जनादेश की शुचिता प्रभावित हुई। नीतीश कुमार के राजनीतिक भविष्य पर बोलते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि यह पहले से तय था कि चुनाव परिणाम चाहे जो भी हो, वे मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार को अब राज्यसभा भेजने की तैयारी है और उन्हें सिर्फ एक “मुखौटे” के रूप में इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा, उन्होंने हाल के दिनों में बिहार के विभिन्न शहरों में मजदूरों की मौत का मुद्दा उठाते हुए केंद्र और राज्य सरकार की चुप्पी पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब तक जनता खुद अपने बच्चों और भविष्य को लेकर सजग नहीं होगी, तब तक कोई भी राजनीतिक दल उनकी चिंता नहीं करेगा।
प्रशांत किशोर ने बताया कि चुनाव के बाद जन सुराज के नेताओं ने पश्चिम चंपारण के गांधी भितिहरवा आश्रम में उपवास रखकर नई सरकार को छह महीने का समय देने की घोषणा की थी। इसके बाद कार्यकर्ता घर-घर जाकर जनता के बीच अपनी बात रखेंगे। बैठक के अंत में उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और जनता के बीच लगातार संवाद बनाए रखने का आह्वान किया।







